अनलॉक 1 में देश में संक्रमितों में बढौतरी, हेमंत सरकार श्रमिकों के पक्ष में फैसले लेती

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अनलॉक 1 हेमंत

देश में अनलॉक 1 के बार कोरोना मरीज़ की संख्या 2.5 लाख पहुंची

देश में अनलॉक 1 के दौरान कोरोना संक्रिमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह ज्ञात होना चाहिए कि दुनिया में संक्रिमितों की संख्या 7091634 है। जबकि भारत में, संक्रांति मामलों की संख्या केवल पांच दिनों में 2.5 लाख को पार कर गई है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 24 घंटों में 10,000 नए मामले सामने आए हैं।

जबकि, 7 जून को झारखंड में कोरोना के 73 नए मामले सामने आए हैं। सिमडेगा – 13, लोहरदगा – 11, जमशेदपुर – 7, धनबाद – 7, रामगढ़ – 6, गुमला – 4, हज़ारीबाग़ – 3, लातेहार – 3, गढ़वा – 3, कोडरमा – 2 और रिम्स में दो संक्रमण बताए गए हैं। झारखंड स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के अनुसार, राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 1,103 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी राहत भरी खबर 

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इसी परिस्थिति बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ राहत भरी जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा है कि आज सुदूर इलाके लेह में फंसे झारखंड के 55 प्रवासी श्रमिकों को हवाई मार्ग से राज्य राज्य लाया गया है। जिसका रांची एयरपोर्ट पर सरकार के मंत्री ने स्वागत किया। इसके बाद, सभी प्रवासी श्रमिकों को जाँच के बाद वाहन उपलब्ध कराए गए और उन्हें उनके गंतव्य के लिए भेज दिया गया।

आगे वे लिखते हैं – “हाड़ कँपा देने वाली ठंड में सीमित संसाधन के बीच देश सेवा करने वाले मेरे इन भाईयों को दिल से सलाम। मगर अब इन्हें मिलेगा इनका वाजिब हक। श्रमिक भाइयों-बहनों को सम्मान मिले यही मेरी सरकार की प्राथमिकता है।

गोवा से विशेष ट्रेन को निर्धारित समय से आधे घंटे पहले खुली

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पुलिस ने गोवा के रेलवे स्टेशन पर झारखंड लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों पर लाठी चार्ज किया है। पुलिस ने कारण में बताया है कि भीड़ के कारण उसे ऐसा करना पड़ा है। जबकि श्रमिकों द्वारा प्रशासन पर विशेष ट्रेन को निर्धारित समय से आधे घंटे पहले छोड़ने का आरोप लगाया जा रहा है। इस संबंध में, राष्ट्रीय मछुआरा मज़दूर मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिख कर एक हजार झारखंडी श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी दी है। साथ ही उनकी वापसी के लिए मदद मांगी गई है।

राष्ट्रीय मछुआरा मज़दूर मंच ने अपने पत्र यह भी कहा है कि झारखंड के मछुवारों को एक महीने का वेतन भी नहीं मिला है। श्रमिक अपने बूते आरक्षण करवा लौटने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दे दिया गया है। जरूरत पड़ने पर फंसे हुए श्रमिकों को एयरलिफ्ट कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है। 

मसलन. जहाँ एक तरफ अनलॉक 1 के बाद कोरोना संक्रिमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, तो वहीँ दूसरी तरफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गरीब प्रवासी मज़दूरों के पक्ष में लगातार फैसले ले रही है। जिसके परिणाम में भारी संख्या में प्रवासी मज़दूर अपने घर पहुँच रहे हैं।

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