पूर्व सीएम हेमन्त सोरेन का झारखण्ड के प्रति समर्पण बेमिसाल

हेमन्त का समर्पण बेमिसाल

झारखण्ड : पूरे प्रकरण में हेमन्त सोरेन का झारखण्ड के प्रति समर्पण समझा जा सकता है. उन्होंने केन्द्रीय साजिश को खुद झेला, जेल गए लेकिन राज्य को वैकल्पि सीएम दे सरकारी काम-काज की गति को जारी रखा.  रांची : केन्द्रीय व्यवस्था के अमृतकाल युग में बिना अपराध के एक सीएम पद को लोकतांत्रिक मूल्यों के … Read more

झारखण्ड : परगना महाल महासम्मेलन – कई मायने में महत्वपूर्ण

परगना महाल महासम्मेलन

झारखण्ड : माझी परगना महाल व्यवस्था होगा मजबूत. एसटी समुदाय के एकजुटता पर जोर. पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का होगा सशक्तिकरण. ग्राम प्रधानों के अधिकारों में होगी बढ़ोतरी. रांची : झारखण्ड एक आदिवासी-दलित बाहुल्य प्रदेश है और खनिज संपदायुक्त राज्य भी है. यहाँ की अधिकाशं भूमि पर इन्हीं वर्गों का वास है. मसलन, यह प्रदेश आरएसएस … Read more

हेमन्त के प्रति हुए केन्द्रीय साजिश में वनवासी पत्रवीर बराबर भागिदार

वनवासी पत्रवीर बराबर भागिदार

झारखण्ड : पंजी-2 में नाम दर्ज कर हेमन्त सोरेन के नाम पर पूरी जमीन हस्तांतरित करने की थी सामंती तैयारी. ऐसा हो नहीं सकता वनवासी पत्रवीर मामले से अभिज्ञ रहे हों. इस सामंती साजिश में इस साहब को क्यों ना बराबर का भागिदार माना जाए? रांची : पूर्व आदिवासी सीएम हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली … Read more

20 मई को सुनवाई करने के बजाय याचिका खारिज करें -हेमन्त सोरेन

मेरी याचिका खारिज करें -हेमन्त

झारखण्ड के आदिवासी पूर्व सीएम के मामले में न्यायालय के द्वारा जुलाई या गर्मी की छुट्टियों के दौरान सुनवाई करने की इच्छा जताने के बाद, सोरेन के वकील ने याचिका ख़ारिज करने की गुहार लगाई.  रांची : झारखण्ड की बहुजन जनता का स्पष्ट कहना है कि – ऐसा प्रतीत हो चला है कि वर्तमान लोकसभा … Read more

अरविन्द केजरीवाल को जमानत तो हेमन्त को क्यों नहीं ? – जनता 

हेमन्त को जमानत क्यों नहीं? -जनता 

झारखण्ड : क्या लोकतंत्र की रक्षा में यह वक़्त का तकाजा नहीं कि पूर्व सीएम हेमन्त सोरेन को भी बहुजन की आवाज-पीड़ा को देश-राज्य के समक्ष रखने का सामान मौक़ा मिले. रांची : सीएम अरविंद केजरीवाल आज 10 मई को बाहर आएं. लोकसभा चुनाव प्रचार के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उन्हें 21 दिनों की … Read more

बाबूलाल बताएं उन्होंने संघ के वनवासी थ्योरी को क्यों चुना?

बाबूलाल वनवासी क्यों हुए

झारखण्ड : आदिवासी पहचान मिटाने वाली संघ के वनवासी थ्योरी को अपनाने वाले बाबूलाल का कहना ‘आदिवासियत श्रद्धा-आस्था का विषय’. केवल चुनावी स्टंट भर ही हो सकता है! रांची : आदिवासी की पहचान ही प्रकृति से उनकी आत्मिक जुड़ाव हो. जल, जंगल-ज़मीन से जुड़ाव ही उनकी जीवन शैली हो. वहां केन्द्रीय शासन का एक सच … Read more