दिशोम गुरु शिबू सोरेन : भारत रत्न की मांग जायज क्यों?

भारत रत्न की मांग जायज क्यों

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन एक अनवरत संघर्ष, बलिदान और समर्पण की गाथा है। उन्होंने आदिवासियों को महाजनी और सूदखोरी प्रथा के चंगुल से मुक्त कराया, उन्हें संगठित कर एक अलग राज्य के निर्माण के सपने को साकार किया, जो भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर है। रांची : झारखंड के पूर्व … Read more

भारत के चुनावी लोकतंत्र की कसौटी: एक संक्षिप्त विश्लेषण

भारत के चुनावी लोकतंत्र की कसौटी

इंडिया गठबंधन का फ्लैग मार्च भारत के चुनावी लोकतंत्र की मौजूदा चुनौतियों का एक सशक्त प्रतिबिंब है। यह संस्थागत विश्वास, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों के पुनर्मूल्यांकन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है। रांची : इंडिया गठबंधन का फ्लैग मार्च और ‘वोट चोरी’ के आरोप भारतीय चुनावी लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाते हैं। … Read more

विश्वगुरु के भ्रम तले घरेलू दमन और विफल विदेश नीति ही वास्तविकता

विफल विदेश नीति ही वास्तविकता

गोदी मीडिया और भाजपा आईटी सेल द्वारा पीएम की “विश्वगुरु” की भ्रामक छवि गढ़ने के प्रयासों के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की विदेश निति को गंभीर क्षति पहुंची है। रांची : पिछले 11 वर्षों में, मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान, “गोदी मीडिया” और भाजपा के आईटी सेल ने चुनावी सफलता के लिए पीएम … Read more

झारखण्ड : प्रथम बजट का धरातल पर उतरने से पहले विपक्ष अधीर

विपक्ष अधीर

झारखण्ड बजट सत्र : विपक्ष अधीर, नव निर्वाची युवा नेता हलके प्रश्नों के आसरे राज्य के मूल मुद्दों को बिसारते दिखे. कुमडी मुद्दे के आसरे सरना कोड मांग धूमिल करने का प्रयास. रांची : विपक्ष लोकतांत्रिक संरचना में एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. ऐसे में किसी भी सरकार में विपक्ष की पहचान शांत, स्थिर, धैर्यवान … Read more

झारखण्ड : हेमन्त सरकार कैबिनेट के निर्णय – 21-01-2025 

हेमन्त कैबिनेट निर्णय

हेमन्त कैबिने -2025 : झारखण्ड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं को  कुल रू0 12,10,00,000/- रूपये मात्र) का उपबंध कराने की स्वीकृत.

झारखण्ड: केंद्र से रॉयल्टी प्राप्ति आधी आबादी का मुख्य मुद्दा

रॉयल्टी प्राप्ति मुख्य मुद्दा

रांची :  रॉयल्टी किसी राज्य के लिए एक अतिरिक्त राजस्व का स्रोत होता है. राज्य के विकास कार्यों में अहम भूमिका निभाता है. किसी राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, उद्योग, रोजगार जैसे सभी आयामों में निवेश को मजबूती दे सकता है. नतीजतन, राज्य के आर्थिक विकास को बल मिलता है. राज्य इसका … Read more