भारत के चुनावी लोकतंत्र की कसौटी: एक संक्षिप्त विश्लेषण
इंडिया गठबंधन का फ्लैग मार्च भारत के चुनावी लोकतंत्र की मौजूदा चुनौतियों का एक सशक्त प्रतिबिंब है। यह संस्थागत विश्वास, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों के पुनर्मूल्यांकन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है। रांची : इंडिया गठबंधन का फ्लैग मार्च और ‘वोट चोरी’ के आरोप भारतीय चुनावी लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाते हैं। … Read more
विश्वगुरु के भ्रम तले घरेलू दमन और विफल विदेश नीति ही वास्तविकता
गोदी मीडिया और भाजपा आईटी सेल द्वारा पीएम की “विश्वगुरु” की भ्रामक छवि गढ़ने के प्रयासों के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की विदेश निति को गंभीर क्षति पहुंची है। रांची : पिछले 11 वर्षों में, मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान, “गोदी मीडिया” और भाजपा के आईटी सेल ने चुनावी सफलता के लिए पीएम … Read more
झारखण्ड : प्रथम बजट का धरातल पर उतरने से पहले विपक्ष अधीर
झारखण्ड बजट सत्र : विपक्ष अधीर, नव निर्वाची युवा नेता हलके प्रश्नों के आसरे राज्य के मूल मुद्दों को बिसारते दिखे. कुमडी मुद्दे के आसरे सरना कोड मांग धूमिल करने का प्रयास. रांची : विपक्ष लोकतांत्रिक संरचना में एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. ऐसे में किसी भी सरकार में विपक्ष की पहचान शांत, स्थिर, धैर्यवान … Read more
झारखण्ड: केंद्र से रॉयल्टी प्राप्ति आधी आबादी का मुख्य मुद्दा
रांची : रॉयल्टी किसी राज्य के लिए एक अतिरिक्त राजस्व का स्रोत होता है. राज्य के विकास कार्यों में अहम भूमिका निभाता है. किसी राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, उद्योग, रोजगार जैसे सभी आयामों में निवेश को मजबूती दे सकता है. नतीजतन, राज्य के आर्थिक विकास को बल मिलता है. राज्य इसका … Read more
क्या विपक्ष बाहरियों के लालच के आसरे झारखण्ड का भविष्य कर रहा बर्बाद
झारखण्ड: मईया सम्मान योजना आधी आबादी के लिए कुपोषण से जीत और सामाजिक न्याय की अंतिम आस है. ऐसे में विपक्ष का PIL का प्रयास आधी आबादी से षड्यंत्र नहीं तो और क्या? रांची : झारखण्ड चुनाव -एक तरफ चुनाव आयोग पर समान बेटल फील्ड मुहैया न कराने का सवाल है. दूसरी तरफ प्रोटोकॉल अपडेट … Read more
हेमन्त का ST, मूलवासी और विस्थापितों को सुरक्षित करने का रोडमैप
झारखण्ड : पूर्व के बीजेपी शासनों में बाहरियों आसरे राज्य में एससी-एसटी-मूलवासी के अधिकारों साजिशन हनन हुआ. परिणाम इन्हें विस्थापन, पलायन, बेरोजगारी और अशुद्ध वातावरण का दंश झेलना पड़ा है. रांची : झारखण्ड के 19 वर्षों के बीजेपी शासन के इतिहास में विकास की तस्वीर उभरनी चाहिए थी. लेकिन, विस्थापन, पलायन और अशुद्ध व्वातावरण जैसी … Read more