Oreya Accident : ओरेया की गूँज झारखंड में – हेमंत सोरेन ने कहा दुखद

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Oreya Accident

झारखंड में (Oreya Accident) ओरैया की दर्दनाक घटना की गूँज रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न केवल गहरी संवेदना व्यक्त की, बल्कि उन्होंने श्रमिकों का पूरा ध्यान रखने की भी बात कही है। ताकि मज़दूरों को घर तक पहुंचने में किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। झारखंड के सभी झामुमो नेताओं ने औरैया हादसे पर दुख जताया है। उनके ट्विट –

@HemantSorenJMM, May 15 – सभी जिलों के अधिकारी एवं .@jharkhandpolice यह सुनिश्चित करे कि – कोई भी व्यक्ति चाहे वो झारखंड का हो या दूसरे राज्य का – झारखंड में पैदल अपने गंतव्य को ना जाये। सारे अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ ऐसे सभी लोगों की पूरी देखभाल करते हुए समूह बना, उनकी स्वास्थ्य जाँच कर बसों एवं अन्य बड़े गाड़ियों से उन्हें गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचाए। अन्य राज्य के प्रवासियों का भी पूरा ख़्याल रखते हुए उन्हें उनके गृह राज्य के नोडल अफ़सरों से सम्पर्क कर सुरक्षित भेजने का इंतज़ाम करें। झारखंड की सीमा में किसी भी श्रमिक को कोई परेशानी ना हो इसका पूरा ध्यान रखना हमारा कर्त्तव्य है।

Oreya Accident

तालाबंदी जैसी त्रासदी से मज़दूर अधिक पीड़ित हैं, जद्दो-जहद के बावजूद श्रमिक घर नहीं लौट पा रहे हैं। भूखे-प्यासे मज़दूरों का घर लौटना उनकी जिंदगी बन गई है। कभी भूख से उनकी मौत हो जाती है, कभी सड़क दुर्घटना (Oreya Accident) में मारे जा रहे हैं।

Oreya Accident : झारखण्ड सरकार का वित्तीय सहायता की घोषणा

ज्ञात हो कि यूपी में झारखंड के मज़दूरों की ओरैया दुर्घटना में मौत हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के मज़दूरों की मौत पर, उनके परिवारों के प्रति चिंतित दिख रहे है।उनकी मदद के लिए, उन्होंने वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। इसकी जानकारी उन्होंने ट्विटर हैंडल पर भी इसकी जानकारी दी है। 

@HemantSorenJMM, May 17 – उत्तर प्रदेश के ओरैया घटना में दिवंगत हु ए सभी 11 झारखंडी साथियों के परिवार को चार-चार लाख रुपये एवं प्रति घायल व्यक्ति को 50 हज़ार रुपये की सहायता तत्काल प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था भी ज़िला प्रशासन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा – हम इस पहलू पर गौर कर रहे हैं कि आगे क्या किया जा सकता है। यह मेरे लिए बहुत दुख की बात है। यह एक संयोग है कि हमारे राज्य के लोग इससे प्रभावित हुए हैं। यदि संक्रमण की स्थिति में चलने वाले लोग मर जाते हैं, तो निश्चित रूप से यह सभी के लिए एक दुखद बात है। राज्यों की सरकारों को कम से कम उन्हें वाहन द्वारा अपनी सीमा पार करनी चाहिए। हमने यह फैसला लिया कि किसी भी स्थिति में मज़दूर को झारखंड की सीमा पैदल पार नहीं करने देंगे।

Oreya Accident : भाजपा विधायक सीपी सिंह का दिलचस्प बयान 

भाजपा विधायक सीपी सिंह का ओरैया हादसे (Oreya Accident) पर दिलचस्प बयान आया है। उनका कहना है कि केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि किसी को भी सड़क पर नहीं चलने दे। शायद, कहने के समय, वह भूल गए कि घटना यूपी की है। वहां सिर्फ भाजपा की सरकार है। और यह भी भूल गए कि प्रधानमंत्री ने अपने प्राइम टाइम भाषण में एक बार भी प्रवासी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। यह कैसा बयान है वही समझा सकते हैं!  

Conclusion , अंत में…

मसलन, झारखंड सरकार अन्य राज्यों की तुलना में श्रमिकों के प्रति अधिक संवेदनशील प्रतीत होती है। “कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसी राज्य हैं -परन्तु हमारी सीमा पैदल पार नहीं करेंगे – हम उने सुविधा प्रदान करेंगे” – इस तरह के शब्द शायद झारखंड सरकार के शब्दकोष से पहली बार सामने आए हैं। जो (Oreya Accident) के बाद राहत दे रहा है। 

और इसी प्रकार दूसरे राज्यों की सरकारों को भी अपने राज्य में फंसे मज़दूरों की पूरी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। तब शायद मज़दूरों को इस संकट में थोड़ी राहत मिलेगी। और ओरैया दुर्घटना (Oreya Accident) जैसे, उन्हें इतनी सस्ते में अपनी जान नहीं गँवानी पड़ेगी।

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