झारखण्ड : श्रमशक्ति को मिलने लगा है अधिकार व सम्मान, 10 लाख प्रवासी मजदूर लौटे वापस 

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हेमन्त सरकार श्रमशक्ति को मिलने लगा है अधिकार व सम्मान. करीब 10 लाख प्रवासी कामगार राज्य वापस लौटे. कामगारों को मिला बकाया वेतन व मुआवजा. 

रांची : हेमन्त सरकार में पहली बार झारखण्ड में श्रमिकों के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है. मुख्यमन्त्री के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष लगातार समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रहा है. नतीजतन, अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक अपने घर वापस लौट. उन्हें बकाया वेतन भी मिल रहा है. साथ ही अन्य समस्याओं के सामाधान भी मिल रहे हैं. ज्ञात हो, महामारी में श्रमिकों को कठिन हालात का सामना करना पड़ा है. कामगारों को अपने राज्य वापस लौटना पड़ा. राज्य सरकार उन्हें ट्रेन, बस से वापस लेकर आई. देश के दुरूह क्षेत्रों में फंसे प्रवासियों को सरकार हवाई मार्ग से वापस झारखण्ड लाने में सफल रही है.

श्रमिकों को विभाग का मिल रहा सहयोग

27 मार्च 2020 से लेकर 31 अक्टूबर 2021 तक दूसरे राज्यों से कुल 9,66,393 कामगार वापस झारखण्ड लौटे हैं. लॉकडाउन के बाद से ही दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों/कामगारों को वापस लाने में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. गिरिडीह के सबसे अधिक 158,652 कामगार वापस लौटे. पलामू जिले के 1,09,438 कामगार, गढ़वा के 78,539, हजारीबाग के 78,414 कामगार, गोड्डा के 69,752 कामगार, कोडरमा के 42,932 कामगार, वेस्ट सिंहभूम के 36,293 कामगार, बोकारो के 35,455 कामगार, चतरा के 35,317 कामगार वापस लौटे हैं. इसके अलावा अन्य जिलों में भी कामगार वापस लौटे हैं.

झारखण्ड सरकार का कामगारों के अधिकार व सम्मान के साथ हालात पर है नजर

राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और फिया फाउंडेशन कामगारों के हालात पर नजर बनाए हुए है. नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कामगारों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ा है. जैसे – घर वापस लौटने में कठिनाई, पारिश्रमिक न मिलना, बीमारी, प्रताड़ना आदि कई समस्याओं से श्रमिकों को जूझना पड़ रहा है. विभाग के प्रयास से कामगारों को बकाया वेतन/मुआवजा के मद में 84,84,647 रुपए दिलाये गए. सिर्फ खूंटी जिले के ही 14,52,420.00 रुपए भुगतान कराया गया है.

इसी प्रकार रांची के कामगारों को 11,06,600.00 रूपए, गिरिडीह के कामगारों को 6,41,900.00 रुपए, गढ़वा के कामगारों के 4,11,377.00 रुपए, गोड्डा के कामगारों को 4,61,100.00 रुपए का बकाया वेतनमान/मुआवजा दिलाया गया है. इसके अलावा अन्य जिले के कामगारों को भी लंबित वेतनमान/मुआवजा की राशि का भुगतान कराया गया है. साथ ही नहीं दूसरे राज्यों मे बीमार पड़ने पर, प्रताड़ना जैसे मामले में कानूनी सहायता दिलाने, मृत्यु हो जाने पर शव वापस लाने जैसे मामलों में भी मदद दी जा रही है.

मसलन, राज्य के प्रवासी कामगारों के बीच हेमन्त सरकार को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है. कामगार जानते हैं कि दूसरे राज्यों में परेशानी होने पर उनकी मदद के लिए झारखण्ड सरकार मुस्तैद है.

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