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क्या बाबूलाल 17 साल 9 माह की सत्ता से दूरी को राजनीति षड़यंत्र से पाटना चाहते हैं ?

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प्रदेश राजनीति में बीजेपी नेताओं के नैतिकता में एकाएक गिरावट, सत्ता के लिए बेशर्मी व बड़बोलेपन में भारी वृद्धि

बीजेपी के कई विधायकों पर लगे हैं रेप के आरोप, पीड़िता ने पीएम को पत्र लिख बीजेपी सरकार पर आरोपी को बचाने का लगा चुकी है आरोप 

रांची। बहुत जल्द 29 दिसम्बर 2019 को सत्ता में आये हेमंत सरकार के एक साल पूरे होने को है। इस अवधि में झारखंड की राजनीति में दो बातों को प्रमुखता से देखा गया है। पहला यह है कि झारखंड के करीब सवा तीन करोड़ जनता के हर कार्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरी शिद्दत से काम कर रहे है। दूसरी तरफ प्रदेश बीजेपी नेताओं द्वारा राजनीति में नैतिकता की भारी गिरावट तथा बेशर्मी व बड़बोलेपन में एकाएक वृद्धि हुई है, जो कि चिंतनीय एवं निंदनीय विषय है।

पहले ही मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ढिशूम गुरु शिबू सोरेन सहित पूरे सोरेन परिवार पर अपशब्द बोला गया। अब बाबूलाल मरांडी भी इस कतार में फिर से हाफ पैंट पहन कर शामिल हो गये है। बाबूलाल जी एक महिला द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगाए गये कथित तौर पर आरोप के बहाने उनसे इस्तीफा मांग रहे है। दरअसल, राज्य गठन के बाद ही उन्होंने हमेशा राजनीति षड़यंत्र का सहारा लिया है। आज इतने गिर चुके है कि उनसे युवा नेता हेमंत सोरेन की लोकप्रियता बर्दास्त ही नन्हीं हो रहा और बिना सत्यता परखे मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा मांग राज्य को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा के रेप के आरोपी विधायकों पर जुबान तक नहीं खोलते बाबूलाल

दरअसल,  बाबूलाल मरांडी ऐसा 18 वर्षों की सत्ता से दूरी के छटपटाहट में कर रहे है, वह सुख भोगना चाहते है। मुख्यमंत्री पर कथित तौर पर लगे आरोप तो एक जांच का विषय़ हो सकता है। लेकिन, 17 साल 9 माह से सत्ता का सुख नहीं भोग सके बाबूलाल को यह क्यों नहीं दिखता है कि बच्चियों व महिलाओं के साथ रेप के आरोप में पहले ही कई बीजेपी विधायक जेल जा चुके है। विडम्बना है कि इन आरोपी विधायकों के खिलाफ बाबूलाल जी मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलते। 

हमेशा लेते रहे है षडयंत्र का सहारा, अब नैतिकता ही गिराने लगे है बाबूलाल

करीब 14 साल तक (जेवीएम सुप्रीमो रहते हुए) बाबूलाल मरांडी ने किस तरह बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी की, यह सभी जानते है। लेकिन उन बयानबाजी के पीछे बाबूलाल की एक राजनीतिक षड़यंत्र काम कर रही थी। रघुवर सरकार को बनाने के लिए अपने जेवीएम कार्यकर्ताओं को धोखा में रख 6 विधायकों को बीजेपी के पास भेजना इस राजनीति षड़यंत्र का ही हिस्सा था। 

उनका राजनीतिक षड़यंत्र यही तक नहींरुकी। बीजेपी नेताओं को नीचा दिखाने के लिए उन्होंने जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी का भी सहारा लिया। राजनीति मर्यादा गिरा चुके बाबूलाल को महागठबंधन सहयोगियों विशेषकर दिशूम गुरु के आशीर्वाद से लोकसभा चुनाव-2019 में हर संभव मदद मिली। ऐसे में आज हेमंत सोरेन पर कथित तौर पर आरोप लगा कर उन्होंने फिर एक बार अपनी राजनीति मर्यादा को खत्म किया है।  

कई बीजेपी विधायकों पर लगा है रेप का आरोप

बाबूलाल को यह जानकारी जरूर होगा कि उनके पार्टी के कई विधायकों पर महिलाओं और बच्चियों से रेप का आरोप  है। इसमें उत्तराखंड के द्वाराहाट विधानसभा से विधायक महेश नेगी के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत, उत्तरप्रदेश के उन्नाव (सदर) से विधायक कुलदीप सेंगर पर एक नाब़ालिग लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप, यूपी के ही भदोही से विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी पर एक महिला द्वारा रेप का आरोप और जम्मू के कठुआ में एक बच्ची से रेप के आरोपियों के समर्थन में खड़े हुए कठुआ से बीजेपी विधायक राजीव जसरोटिया की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लेकिन बाबूलाल मरांडी ने आज तक इन बीजेपी विधायकों के खिलाफ कुछ नहीं बोला। 

पीडिता महिला का आरोप, “शर्म की बात है कि बीजेपी सरकार व उनकी पुलिस आरोपियों को बचाती है।”

बाबूलाल क्या नहीं जानते कि कैसे भाजपा शासित राज्यों में आरोपी बीजेपी विधायकों को उनके पार्टी की सरकार और पुलिस द्वारा बचाया जाता है। विधायक महेश नेगी पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीडिता महिला ने तो 3 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख अपनी पीड़ा बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। महिला ने यह आरोप लगाया था कि बीजेपी विधायक ने उसके साथ रेप किया, जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई और भाजपा विधायक को अपनी नवजात बच्ची का पिता बताना, भाजपा के पार्टी व उसकी विचारधारा को शर्मसार करती है। चार पन्नों के अपने पत्र में महिला ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार और पुलिस आरोपी विधायक को बचाने की कोशिश कर रही है।

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