विजयदशमी में बाबूलाल जी का मोदी के बजाय हेमंत को बेअसर कहना मनुवादी सोच

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सरकार

विजयदशमी में बाबूलाल जी की उलटी बीन – बौखलाहट में उन्होंने मोदी सत्ता के बजाय हेमंत सत्ता कहा बेअसर 

विजयदशमी के दिन का भारत में राजनितिक, आर्थिक, सामाजिक व धार्मिक दृष्टिकोण से अपना महत्त्व है। मनुस्मृति समर्थक हिंदुत्व की रक्षा के आसरे शुद्र वर्ग को हासिये पर धकेल देश में स्वयंसेवक संघ की नीव इसी दिन रखते है। तो शूद्रों के मशीहा माने जाने वाले बाबा अंबेडकर शूद्रों के अधिकारों की रक्षा से संकल्पित धम दीक्षा लेने का दिन भी यही है। और दोनों धड़ा समाज में उस रेल की पटरी की तरह है कभी मिल नहीं सकती।

मोहन भागवत ने दशहरे के दिन माना कि 56 इंच का सीना बेअसर

मोहन भागवत मानते हैं कि चीन के आगे 56 इंच का सीना बेअसर साबित हुआ है। विजयदशमी के दिन उनके द्वारा दिए गए भाषण में उन्होंने माना, “पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे चीन भारत के क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है। चीन के विस्तारवादी व्यवहार से हर कोई वाकिफ है।” साथ ही बड़ी निर्लज्जता के साथ वह देश में उतत्पन तनाव का ठीकरा सीएए के मत्थे मढ़ अपनी सरकार की बचाव में सिरे से कई झूठ बोल जाते है। 

ना जाने उनके लिए वह ‘कुछ लोगों’ कौन थे जिनके दिमाग में सांप्रदायिकता भड़कना था। उनके अनुसार ये जो भी हैं लेकिन भाजपा व संघ के लोग नहीं हो सकते!  उनका यह भी मानना है कि देश में करोना से नुक्सान कम हुआ है। उन्होंने कहा, “भारत में कोरोना के कारण नुकसान कम हुआ है, क्योंकि सरकार ने जनता को सतर्क करते हुए एहतियाती कदम उठाए। लोगों ने अतिरिक्त सावधानी बरती क्योंकि उनके मन में कोरोना का डर था। मतलब, उनके लिए जीडीपी में ऐतिहासिक गिरावट कोई महत्त्व नहीं रखती। ए सत्ता का डर या चापलूसी हो सकता है आप जो चाहें मान सकते हैं।

मसलन, संघ की सरकार को स्वयं भगवत ने हर मोर्चे पर निकम्मी साबित किया। लेकिन यह और दिलचस्प तब हो जाता है जब भाजपा के नए नेता बाबूलाल जी चापलूसी का इन्तहां पार करते हुए बेशर्मी से मोदी को निरर्थक प्रधानमंत्री बोलने के बजाय झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कमजोर बोल जाते हैं। और मोदी सत्ता जो असल में देश में आखिरी साँस गिन रही है, यह सत्य स्वयं मानने के बजाय दीपक प्रकाश जैसे नेता आला कमान को खुश करने के लिए हेमंत सरकार को कम वक़्त की सरकार बता देते हैं। शायद इसे ही आँखों का पानी गिर जाना कहा जा सकता हैं।

आरक्षण में बढ़ौतरी – हेमंत सोरेन ने विजयदशमी में दबे कुचले वर्ग दिया खुशख़बरी 

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग को विजयदशमी में खुशख़बरी दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार आरक्षण बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। तैयार मसौदे के अनुसार, ओबीसी को 14 से 27 प्रतिशत, एसटी को 26 से 28 प्रतिशत तथा एससी को 10 से 12 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी कर चुकी है। साथ ही सरकार सरना धर्म कोड बिल पर विशेष सत्र बुलाने की भी तैयारी में है। 

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