54 लाख घरों को मुफ्त कनेक्शन व नि:शुल्क पेयजल – हेमंत राज में ही संभव

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केंद्र

आदिम जनजाति व ग़रीबों को पानी का मुफ्त कनेक्शन, नि:शुल्क पेयजल और 54 लाख घरों को जल देना हेमंत राज में ही संभव है

राज्य के गरीबों को मूलभूत सुविधाओं  मुहेया कराने हेमंत सरकार की प्राथमिकता, शुरूआत “पेयजल”की सुविधा से

राँची। झारखंड एक गरीब राज्य है। यह ग़रीबों की संख्या करोड़ों की संख्या में है। हेमंत सोरेन सरकार के सत्ता में आने के कुछ माह बाद ही कोरोना की मार से ऐसे ग़रीबों के समक्ष कई तरह की संकट उत्पन्न हो गयी है। विशेषकर मूलभूत सुविधाओं की कमी उन्हें काफी झेलना पड़ा है। इस कमी को दूर करने की दिशा में मुख्यमंत्री लगातार काम कर रहे हैं। 

हेमंत सरकार कई जिलों में निवास कर रहे आदिम जनजाति को भी इस सुविधा से लाभान्वित करना चाहती है। इस प्रयास की शुरूआत मुख्यमंत्री ने राज्य के गरीबों को पानी का मुफ्त कनेक्शन, निःशुल्क पेयजल कर दी है। इसके अलावा हेमंत ने राज्य के 54 लाख घरों तक जल पहुंचाने को भी अपनी सरकार की प्राथमिकता सूची में रखा है। मसलन, राज्य के हर स्तर के गरीब लोगों के लिए जो कदम उठाये जा रहे है, वह केवल हेमंत सरकार में ही संभव है। 

ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत 54 लाख से अधिक घऱों को जोड़ने का टारगेट

बीते दिनों पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश दिये है। उन्होंने ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत राज्य के हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है। उनका टारगेट राज्य के 54 लाख से अधिक घरों को योजना से जोड़ना है। मुख्यमंत्री का मानना है कि अगर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो कई परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।

आदिम जनजाति समाज को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष पहल, कहा वीडियो साझा कर दें जानकारी” 

साहेबगंज, दुमका समेत अन्य स्थानों में निवास करने वाले आदिम जनजाति परिवार की स्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने नजर बना रखी है। उन्हें पेयजलापूर्ति योजना से संबंधित लाभ इन जनजाति को मिल पा रहा है, इसकी जानकारी के लिए वीडियो साझा करने का निर्देश दिया है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय के सर्वे पर भी हेमंत ने जोर दिया है। ताकि यह मालूम चल सके कि लाभुक इसका उपयोग कर रहे हैं या नहीं। हेमंत ने सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिल सके। 

गरीबों को मुफ्त कनेक्शन व निःशुल्क पेयजल सुविधा देने की हेमंत सोरेन सरकार की पहल 

बीते 6 नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने “झारखंड नगरपालिका जल कार्य, जल अधिभार एवं जल संयोजन नियमावली-2020” के गठन को मंजूरी प्रदान की है। इस नियमावली का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इसके आने से हेमंत सरकार राज्य में गरीबों को पानी का मुफ्त कनेक्शन और नि:शुल्क पेयजल उपलब्ध करायेगी। अब इस नियमावली को कैबिनेट की अगली बैठक में सहमति के लिए प्रस्तुत किया जायेगा। 

नगर विकास विभाग द्वारा इस नियमावली में BPL और APL दोनों ही तरह के हाउसहोल्ड को 5,000 किलोलीटर पानी हर महीने मुफ्त देने का फैसला हुआ है। वहीं, BPL परिवारों को पानी का कनेक्शन भी नि:शुल्क प्रदान किया जायेगा। हालांकि, 5,000 किलोलीटर से अधिक पानी लेने पर संबंधित हाउसहोल्ड को शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। गरीबों या BPL परिवारों को भी 5,000 किलोलीटर से अधिक पानी लेने पर वाटर टैक्स देना होगा। लेकिन, आवासीय जल कनेक्शन के लिए BPL परिवारों से APL की तुलना में आधा मासिक शुल्क लेने का नियम बनाया गया है।

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