मैन्युफैक्चरिंग हब

रोजगारन्मुखी उद्योग व फूड प्रोसेसिंग जैसे कदमों से झारखंड बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

आर्थिक विकास और कोरोना के पहले की स्थिति पाने के लिए हेमंत सरकार लगातार प्रत्यनशील, झारखंड को जल्द मिलेगी मैन्युफैक्चरिंग हब में अलग पहचान 

झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए FICCI को सरकार बनाएगी नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर”, जल्द होगा एमओयू

रांची। कोरोना महामारी से विशेष कर उद्योग क्षेत्र से होने वाले राजस्व संग्रहण पर बुरा असर पड़ा है। लंबे समय तक झारखंड में शासन करने वाली बीजेपी के द्वारा इस क्षेत्र को नज़रअंदाज़ किये जाने के कारण उद्योगों की स्थिति काफी चिंतनीय है और झारखंड को गरीब व पिछड़े राज्य का टैग भी लगा। झारखंड को देश-दुनिया में पहचान और यहाँ के लोगों को रोज़गार उद्योगों के विकास से ही मिलेगी। इसलिए उद्योग क्षेत्र का विकास वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्राथमिकता में है और उन्होंने इस ओर कदम भी बढ़ा दिया है। 

हेमंत सरकार झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए बीते दिनों उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में उद्योगों के विकास के लिए नई-नई इन्नोवेटिव आइडिया को बढ़ावा देने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम गठित कर इंडस्ट्री प्रमोशन करने के निर्देश दिए हैं। 29 नवंबर को भी मुख्यमंत्री ने पोस्ट कोविड में उद्योगों को बढ़ावा देने लिए पहल की थी। जिसमे फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) को “नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर” बनाने की घोषणा की गयी थी।

उद्योगों से रोज़गार व राजस्व सृजन पर हेमंत का जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है जो रोजगार सृजन के साथ राजस्व में भी इजाफा कर करे। श्री सोरेन ने राज्य में साइकिल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना का निर्देश भी दिया है। उन्होंने इस क्षेत्र के उद्यमियों को हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाने का निर्देश दिया है। 

लघु व मध्यम और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को व्यापक बनाने में होगा काम

मुख्यमंत्री ने राज्य में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र को और अधिक व्यापक बनाने पर भी जोर दिया है। इसके लिए उन्होंने फूड प्रोसेसिंग वाले फ़सलों और इससे जुड़े किसानों को भी बढ़ावा देने की भी बात की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में आगे आने वालों को राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। श्री सोरेन का मानना है कि लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आएगा। इन उद्योगों के बने उत्पादों को बाजार मुहैया कराने की दिशा काम करने की बात कही गयी है। 

फिक्की को नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर के रूप विकसित कर सरकार राज्य का करेगी आर्थिक विकास 

राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अब फिक्की को झारखंड सरकार के नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इस बाबत राज्य का उद्योग विभाग फिक्की के साथ जल्द ही एक एमओयू करने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एमओयू प्रारूप को अनुमोदित कर दिया है। एमओयू के उपरांत दो साल की अवधि तक फिक्की झारखंड सरकार के नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में कार्य कर सकेगी। 

एमओयू का उद्देश्य पोस्ट कोविड में फिक्की के साथ मिलकर सतत आर्थिक विकास और हालात को मजबूत करते हुए पहले जैसी स्थिति में वापस लाना है। एमओयू का एक अन्य उद्देश्य राज्य के कुशल और अर्ध कुशल श्रमिकों को उनकी क्षमता और कार्यकुशलता के हिसाब से रोज़गार उपलब्ध कराना,  निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के अलावा इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को प्रमोट करना भी है।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp