राज्यपाल महोदया के अभिभाषण में उभरा स्वाभिमानी झारखंड का अक्स

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महोदया के अभिभाषण में

हमारी सरकार ने गठन के दिन से ही विकास मूल मंत्र, आधार लोकतंत्र को आत्मसात किया है। राज्यपाल महोदया के अभिभाषण में उभरता स्वाभिमानी झारखंड का अक्स

“हमारी सरकार ने गठन के दिन से ही विकास मूल मंत्र, आधार लोकतंत्र को आत्मसात किया है। सरकार की खींची लकीर का जुड़ाव अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा, अल्पसंख्यक व तमाम वर्गों के सामुदायिक विकास के मद्देनजर सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक सशक्तिकरण के रूप में उभरा है”। जब राज्यपाल महोदया के अभिभाषण में ऐसे शब्दों का जिक्र हो। और झारखण्ड विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र मंच हो। तो निश्चित रूप यह झारखंड के कैनवास में लोकतंत्र के आसरे बिछाया गया सुखद भविष्य का रेड कार्पेट हो सकता है। और माना तो यह भी जा सकता है कि सरकार के सरोकार जनता के अधिकार संरक्षण व सुख-दुःख से कायम हो चुके हैं। 

माननीय राज्यपाल महोदया के अभिभाषण के मुख्य अंश 

कोरोना वैश्विक महामारी

  • राज्यपाल महोदया के अभिभाषण में उभरे गर्व भरे स्वर – कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के इस विकट दौर में भी हमारी सरकार ने जनहित में कई ऐसे निर्णय किये, जो अन्य राज्यों के लिए पथ प्रदर्शक बने एवं सर्वत्र प्रशंसा हुई।
  • लाॅकडाऊन/ अनलाॅकडाऊन के दरम्यान रु0 38.75 करोड़ की राशि से मुख्यमंत्री दीदी किचन एवं मुख्यमंत्री विशेष दीदी किचन के माध्यम से निर्माण श्रमिक एवं उनके परिवारों को लाभ पहुँचाया गया।
  • फँसे प्रवासी श्रमिकों को सहायता प्रदान करने हेतु “प्रवासी मजदूर नियंत्रण कक्ष” की स्थापना हुई। मुख्यमंत्री मदईत (सहायता) एप के माध्यम से झारखण्ड आने वाले प्रवासी कामगार को प्रति व्यक्ति की दर से रुपये 1000/- डी0बी0टी0 के द्वारा उपलब्ध कराने हेतु 20 करोड़ रुपये झारखण्ड फूड काॅरपोरेशन लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया। कुल 1,99,226 प्रवासी कर्मकार लाभान्वित हुए।
  • मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के अन्तर्गत लाॅकडाउन के दौरान नियमित 377 केन्द्रों के अतिरिक्त आवश्यकतानुसार समय-समय पर 361 विशिष्ट दाल-भात केन्द्र, 498 विशेष दाल-भात केन्द्र एवं 382 अतिरिक्त दाल-भात केन्द्र तथा 94 प्रवासी मजदूर दाल-भात केन्द्र कुल 1335 केन्द्रों का संचालन सुनिश्चित किया गया, जिससे दिहाड़ी मजदूर, गरीब/निर्धन, अन्य राज्यों से झारखण्ड वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों तथा राज्य में फँसे दूसरे राज्यों के मजदूरों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध हुए।
  • सरकार सजगता के साथ स्वच्छ, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है। स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ़ पेयजल, ग्रामीण विकास, नगर विकास, सिंचाई एवं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
  • नागरिकों के लिए कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण हेतु राज्य भर में जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड टीकाकरण कक्ष की स्थापना की गई है। टीकाकरण के प्रथम चरण में सभी स्वास्थ्य कर्मी तथा Front Line worker को वैक्सीन उपलब्ध कराया गया है।
  • जिला अस्पताल एवं मेडिकल काॅलेज अस्पतालों में पी0पी0पी0 मोड पर डायलिसिस केन्द्र के स्थापना की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 15 जिलों एवं 6 मेडिकल काॅलेज एवं अस्पतालों में डायलिसिस केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।
  • कोरोना काल में भी वन क्षेत्र में रह रहे लोगों के अधिकार सुरक्षा हेतु सरकार के प्रयास अब  परिणाम सामने है, इस वर्ष 77,347 एकड़ का पट्टा स्वीकृत किये गए हैं। वनों के भीतर वन्य प्राणियों को जल उपलब्ध कराने हेतु वन भूमि पर आवश्यकतानुसार चेक डैम बनाए जा रहे हैं। वन्य प्राणियों के पर्यावास में सुधार के तहत् वनों का सघनीकरण कार्य भी किया जा रहा है। 

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टाॅलरेंश व उद्योग उत्पाद व विद्युत

  • सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टाॅलरेंश की नीति अपनाई है। भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों में 51 लोक सेवकों की गिरफ्तारी हुई। भ्रष्टाचार निरोधक थानों में कुल 47 काण्ड दर्ज किये गये हैं तथा 60 काण्डों का सफल निष्पादन हुआ।
  •  राज्य की औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन में निरंतर वृद्धि के मद्देनजर विभिन्न श्रम कानूनों के तहत त्रिपक्षीय वार्ता के माध्यम से चिर लम्बित समस्याओं का हल निकाला गया।
  • राज्य के सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित एवं निर्यात हेतु उत्पाद चिन्ह्ति किये जा चुके है। अनुश्रवण हेतु उपायुक्त की अध्यक्षता में District level Export Committee का गठन किया गया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई केन्द्र प्रायोजित योजना PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PMFME) के कार्यान्वयन हेतु केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि की व्यवस्था हेतु कारवाई की जा रही है। इस योजना के तहत One District One Product को प्रोत्साहित किया जाना है। झारखंड तसर रेशम उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। गत वित्तीय वर्ष 2694 मीट्रिक टन तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 1083 मीट्रिक टन तसर रेशम का उत्पादन हुआ है।
  • राज्य के उग्रवाद प्रभावित जिलों में युवाओं के लिए कौशल विकास की केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत छः नये जिलों यथा राँची, खूँटी, सिमडेगा, रामगढ़, दुमका एवं गिरिडीह का चयन करते हुए एक-एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण कराया जा रहा है। 
  • विकास की गति में तीव्रता लाने हेतु विद्युत उत्पादन, संचरण एवं वितरण में आमूलचूल सुधार के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
  • नवीकरणीय ऊर्जा के महत्ता को देखते हुए राज्य के गिरिडीह शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में 9410 सोलर स्ट्रीट लाइट, 75 सोलर हाई मास्ट लाईट का अधिष्ठापन कराया गया है। सौभाग्य योजना के तहत 213 ग्रामों के 7743 घरों को सोलर स्टैंड एलोन सिस्टम के माध्यम से विद्युतीकृत किया गया है।

मनरेगा, सखी मंडल, किसान

  • मनरेगा योजना में पहली बार निर्धारित 8 करोड़ मानव दिवस सृजन के लक्ष्य को पुनरीक्षित करते हुए 11.50 करोड़ मानव दिवस किया गया। जिसमे अब तक 10 करोड़ 11 लाख मानव दिवस का सृजन हो चुके हैं। आगामी वित्तीय वर्ष से मनरेगा अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी दर को बढ़ाकर रूपये 225/- प्रति मानव दिवस करने का निर्णय लिया गया हैै, जिसका अतिरिक्त भार राज्य सरकार उठाएगी।
  • राज्य के सखी मंडलों को इस वर्ष लगभग 449 करोड़ रुपये चक्रिय निधि, सामुदायिक निवेश निधि तथा 546 करोड़ रूपये क्रेडिट लिंकेज के रुप में उपलब्ध कराया गया। फुलो झानों आशीर्वाद अभियान के अंतर्गत करीब 15,063 महिलाओं को विगत 4 माह में हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री के कार्य से मुक्त कराकर आजीविका के विभिन्न सम्मानित साधनों से जोड़ा गया। 
  • राज्य के किसानों को 50,000/- रूपये तक के अल्पकालीन फसल ऋण बकाया राषि माफ करने हेतु फसल ऋण माफी योजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उद्यान विकास योजनान्तर्गत 1440 कृषकों को 5 दिवसीय उद्यानिकी फसलों से संबंधित प्रशिक्षण 28.80 लाख रुपये के व्यय के किया जा रहा है। मीठी क्रान्ति के अन्तर्गत 2 करोड़ के व्यय से 236 लाभुक  कृषकों के बीच मधुमक्खी बक्सा, मधुमक्खी छत्ता एवं मधु निकासी यंत्र 80 प्रतिशत अनुदानित दर पर वितरण किया जा रहा है। 19 जिलों में 5000 डज् क्षमता के एक-एक शीतगृह का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही साथ झारखण्ड राज्य के 139 प्रखंडों में सब्जी लघु वनोपज उत्पाद तथा Perishable Good के भंडारण हेतु प्रखंड स्तर पर 30-30 एम॰टी॰ क्षमता के एक-एक कोल्डरुम का निर्माण किया जा रहा है। 
  •  ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ ग्रामीण विकास, कृषि एवं पशुपालन तथा कल्याण विभाग के वित्तीय संसाधनों के अभिशरण से प्रारंभ की गयी है। जो स्वरोजगार दिशा में मददगार साबित होगी एवं प्रतिवर्ष 50,000 ग्रामीणों को लाभ पहुंचाएगी।
  • राज्य की जनता को मछली के रूप में सरल सुपाच्य प्रोटीन उपलब्ध सुनिश्चित करने हेतु मत्स्य उत्पादन में लगातार अभिवृद्धि हो रही है। राज्य में कुल 2.23 लाख मिट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है तथा चालू वित्तीय वर्ष में कुल 2.40 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है। 
  •  धान अधिप्राप्ति योजना अन्तर्गत खरीफ विपणन मौसम 2020-21 में किसानों से अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान 48 घंटे के अंदर किये जाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान खरीफ विपणन मौसम में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त रु0 182/- प्रति क्विंटल की दर से बोनस का भुगतान किया जा रहा है।

आवास योजना शहरी- ग्रामीण

  •  प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत सभी सुयोग्य लाभुकों को वर्ष 2022 तक पक्के घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। शहरी आवासहीनों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु कुल 1,88,842 आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। व्यक्तिगत आधारित कुल 1,28,728 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें कुल 64,359 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा 48,949 आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है।
  • अमृत योजना के अधीन 05 मिशन शहरों में से 01 मिशन शहर आदित्यपुर में सिवरेज एवं 04 मिशन शहर, यथा-चास, हजारीबाग, देवघर एवं गिरिडीह में सेप्टेज परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। 
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत सामाजिक, आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना 2011 के आँकड़ों के आधार पर तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची से 11 लाख 74 हजार 728 लाभुकों को आवास स्वीकृत करते हुए 7 लाख 68 हजार 395 आवास पूर्ण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के भौतिक लक्ष्य 422125 आवासों के विरूद्ध अब तक 335307 आवास स्वीकृत एवं 37981 आवास पूर्ण किये जा चुके हैं।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत 2000 कि0 मी0 पथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 1160 कि0मी0 पथ निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 
  • राज्य में विभिन्न नदियों से होने वाले कटाव रोकने हेतु कुल रू0 31.72 करोड़ की लागत से 19 वृहद् योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इनमें से कुल 16.71 करोड़ की 04 (चार) योजनाएँ गंगा नदी के दायें तट के कटाव से सुरक्षा हेतु स्वीकृत हैं।

क्षेत्रीय सांस्कृतिक, खाद्य सुरक्षा सामाजिक सुरक्षा

  •  क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने एवं स्थानीय कलाकारों को मंच सुलभ कराने की दिशा में राज्य की उप राजधानी, दुमका में 22.97 करोड़ रुपये की लागत से कंवेन्षन सेन्टर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कोर कैपिटल साईट-1, एच0ई0सी0 एरिया, राँची के लिए प्रस्तावित पुनर्वास एवं पुर्नस्थापन कार्य के अन्तर्गत 400 इकाई आवासों का निर्माण कार्य 216 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया है।
  • राज्य में माह जनवरी, 2021 से झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की शुरुआत की है, जिसके अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से अनाच्छादित 15 लाख लाभुकों को अनुदानित दर यथा एक रूपये प्रति किलोग्राम की दर से 05 किलोग्राम चावल प्रति माह, प्रति लाभुक उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजनान्तर्गत आच्छादित लाभुकों को हरा राशन कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लुंगी वितरण योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 से आच्छादित सभी लाभुक परिवारों को एक धोती/लुंगी एवं एक साड़ी रुपये 10/- प्रति धोती/लुंगी एवं रुपये 10/- प्रति साड़ी की अनुदानित दर पर वितरण करने की योजना है। इस योजना से लगभग 57 लाख परिवार लाभान्वित होंगे।

उत्खनन, पथ निर्माण व हवाई यातायात

  • खनिजों के उत्खनन एवं इससे संबंधित कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ अधिकाधिक राजस्व की प्राप्ति हेतु स्वर्ण के 02, चूनापत्थर के 02 एवं लौह अयस्क के 01 खनिज ब्लाॅक की नीलामी, ई-ओक्सन के माध्यम से की गयी है। साथ ही ग्रेफाईट के 02, बाॅक्साईट के 02 एवं चूना पत्थर के 01 ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रियाधीन है। हमारी सरकार नवीनतम तकनीक के माध्यम से भूतात्विक अन्वेषण कार्यों का अनुश्रवण तथा उसकी गहन समीक्षा भी कर रही है। 
  • पथ निर्माण विभाग का बजटीय उद्व्यय रूपये 3384 करोड़ स्वीकृत किया है। इससे इस वर्ष लगभग 900 कि0मी0 पथ एवं 25 पुल निर्माण कार्य के लक्ष्य के विरूद्ध लगभग 550 कि0मी0 पथ एवं 12 पुल निर्माण कार्य  पूर्ण किया जा चुका है। एशियाइ विकास बैंक के ऋण से Jharkhand State Road Project –II अन्तर्गत लगभग 177 कि0मी0 पथ का कार्य कराया जा रहा है। राज्य गठन के समय पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत पथों की लम्बाई 5400 कि0मी0 थी जो बढ़कर 12,736 किलोमीटर हो गई है।
  • औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर को हवाई यातायात से जोड़ने के उद्देश्य से धालभूमगढ़ स्थित पुरानी हवाई पट्टी को एक घरेलू हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जायेगा है। देवघर में घरेलू हवाई अड्डा का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा यहाँ से विमानों का परिचालन इसी वर्ष प्रारंभ होने की संभावना है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मलूटी में हेलिपैड एवं पर्यटक रिसेप्शन भवन का निर्माण कराया गया है। बासुकीनाथ में भी हेलिपैड एवं पर्यटक रिसेप्शन भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

कुपोषण व पेयजल

  • सरकार ने कुपोषण की समस्या से लड़ने के लिए लगभग 250 करोड़ की लागत से 5 लाख बाड़ी के निर्माण हेतु कार्यक्रम प्रारंभ किया है। मोटे अनाज (ज्वार-बाजरा आदि) की खेती को प्रसारित करने के लिए कर्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं। वृद्ध, दिव्यांग, विधवा को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार सार्वभौमिक पेंशन की योजना लेकर आ रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब झारखंड में 2 बच्चों के जन्म तक लाभ दिया जाएगा, ज्ञात हो कि पहले बच्चे के लिए लाभ भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा वहीं दूसरे बच्चे के लिए खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी।
  • झारखंड राज्य के सभी नागरिकों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकार ने प्रत्येक पंचायत में प्रति पंचायत 05 नलकूपों (कुल 21870 नलकूप) का निर्माण किये जाने का लक्ष्य रखा है और इस हेतु कुल 184.3 करोड़ रूपये व्यय का प्रावधान किया गया है। आदिम जनजाति समुदाय को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2251 लघु पाईप जलापूर्ति योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 1561 योजनाएँ पूर्ण कर ली गई हैं।

JPSC व रोजगार सृजन योजना

  • राज्य गठन के बाद पहली बार JPSC की नियमावली को अंतिम रूप दिया जा सका है। छठी JPSC परीक्षा के तहत 326 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी। इस वर्ष नयी नियमावली के आधार पर नयी नियुक्ति का विज्ञापन जारी हो चुका है। न्यायिक सेवा के 100 अभ्यर्थियों को सिविल जज के पद पर नियुक्त किया गया है। झारखण्ड निर्माण के बाद पहली बार सभी 24 जिलों में जिला खेल पदाधिकारी की नियुक्ति की गयी। पुलिस, शिक्षक, स्वास्थ्य कर्मी, विभिन्न स्तरीय कर्मचारी आदि के पदों पर बहाली निकालने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। सरकार स्थानीयों के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए कृत संकल्पित है। अनुबंधकर्मियों की समस्या के समाधान हेतु सरकार उच्च स्तरीय समिति बनाने का प्रयास कर रही है। पारा शिक्षकों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु आदि की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कल्याण कोष का गठन किया है।
  •  झारखण्ड राज्य आदिवासी सहकारी विकास निगम/झारखण्ड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम/ झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम/झारखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन के युवाओं को स्वरोजगार/स्वयं के व्यवसाय शुरू करने हेतु सुगम एवं सस्ते दर पर ऋण एवं ऋण पर अनुदान का लाभ देने हेतु मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का क्रियान्वयन कर रही है। इसके अन्तर्गत स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु योग्य लाभुकों को ऋण-सह-अनुदान की राशि देय होगी। इस योजना के अन्तर्गत योग्य लाभुकों को अधिकतम 25 लाख रुपये का ऋण दिये जाने का प्रावधान है। ऋण अनुदान 40 प्रतिशत की दर से या अधिकतम रू॰ 5 लाख दोनों में से जो कम राशि हो, लाभुकों को भुगतेय होगा।

शिक्षा

  • शिक्षा के क्षेत्र में नित्य नये आयाम जोड़े जा रहे हैं। इस निमित 80 उत्कृष्ट विद्यालय तथा 325 प्रखण्ड स्तरीय लीडर स्कूल के साथ-साथ 4091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय की परिकल्पना की गयी है। इसके लिए रू0 1885 करोड़ की योजना को हमारी सरकार ने अनुमोदित किया है। प्रथम चरण में राज्य के 27 उत्कृष्ट विद्यालय (School of Excellence) का शिलान्यास किया गया है। इन विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत संरचना यथा- बेहतर वर्गकक्ष, विज्ञान एवं गणित के प्रयोगशाला कक्ष, संसाधनों से भरपूर पुस्तकालय, स्टेम लैब, विद्यार्थियों के खेलकूद को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था शामिल है। 
  •  झारखण्ड के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर प्रदान करने हेतु मरड. गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, 2020 की शुरूआत की है। इस योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 10 (दस) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर युनाईटेड किंडगम ऑफ़ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड नाॅर्थन आयरलैंड में अवस्थित चयनित विश्वविद्यालयों/संस्थानों यथा कैम्ब्रीज विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय आदि में चयनित कोर्स में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा मास्टर्स (Masters)/ (M. Phil) Full degree program ग्रहण करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी।

पर्यटन

  • असंगठित कर्मकारों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत निबंधित असंगठित कर्मकारों के दो बच्चों को रु0 250/-से रु0 8000/- तक की छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है।
  • लुगुबुरू (बोकारो) में पर्यटन की दृष्टि से विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु 11.59 करोड़ की लागत से कार्य करा रही है। दुमका में संग्रहालय, ओपन एयर थियेटर एवं प्रेक्षागृह निर्माण हेतु 33.75 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
  •  प्रमुख पर्यटन गंतव्यों की ओर जाने-वाले राजमार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों की सुविधा हेतु पर्यटक सुविधा केन्द्र का विकास करने हेतु कार्य कर रही है। इन पर्यटक सुविधा केन्द्रों में पर्यटकों को आवासन, भोजन, आराम की सुविधा के साथ-साथ पर्यटक वाहनों की सुविधाएँ उपलब्ध करायी जायेंगी। 

खेल

  • खेल एवं खिलाड़ियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए झारखण्ड खेल नीति-2020 का धरातल पर उतारा गया है। झारखण्ड खिलाड़ी सीधी नियुक्ति नियमावली के तहत अन्तरराष्ट्रीय/ राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता 40 (चालीस) खिलाड़ियों का चयन विभिन्न विभागों में खेल कोटा के अन्तर्गत सीधी नियुक्ति हेतु किया गया है। पंचायत से लेकर शहर तक खेल संरचना निर्माण के लक्ष्य के साथ सरकार द्वारा ‘पोटो हो खेल विकास योजना’ लागू की गई है। इसके तहत 1831 ग्रामीण खेल के मैदानों का निर्माण कार्य जारी है।

पारंपरिक व्यवस्था, ज़मीन वापसी

  • मानकी, मुण्डा एवं ग्राम प्रधान को पारंपरिक व्यवस्था लागू करते हुए ऑनलाइन लगान वसूली की व्यवस्था की गई है। मानकी, मुण्डा एवं ग्राम प्रधान के पारंपरिक रिक्त स्थानों को कैंप लगाकर भरा जा रहा है।
  • झारखण्ड राज्य में पहली बार बड़कागांव अंचल में माईनिंग के लिए ली गई 56.88 एकड़ जमीन 26 रैयतों को वापस की गई।
  • टाना भगतों के सर्वांगीण विकास हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 करोड़ रुपये का उपबंध किया गया है। उपबंधित राशि में से तत्काल  6 करोड़ रूपये संबंधित जिलों को आवंटित की गई है। 

सूचना प्रौद्योगिकी

  •  प्रशासन में सूचना प्रौद्योगिकी का समन्वित प्रयोग करना e Governance का पर्याय बना है। सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से सरकार को जनता एवं अन्य अभिकरणों को सूचनाओं के प्रसार हेतु प्रक्रिया को दक्ष, त्वरित एवं पारदर्शी बनाने तथा प्रशासनिक गतिविधियों के निष्पादन में सुविधा हुई है। भारतनेट द्वितीय चरण में JCNL द्वारा झारखंड के ग्यारह जिलों में कुल 1789 ग्राम पंचायत तथा प्रखण्ड मुख्यालय में से 883 ग्राम पंचायत तथा प्रखण्ड मुख्यालय में OFC बिछा दी गयी है। भारतनेट द्वितीय चरण के तहत बिछाये गये OFC का उपयोग कर 162 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट की सुविधा स्थापित किये जाने हेतु BSNL द्वारा कार्य किया जा रहा है।
  • साईबर सुरक्षा को बढ़ावा देने हेतु Jhar-Cert परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजनान्तर्गत रांची में कांके अवस्थित उत्पाद भवन में Advance Cyber Forensic Lab का अधिष्ठापन किया जा चुका है।

राजस्व

  • सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 17379.51 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। उक्त निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध माह जनवरी, 2021 तक SGST, GST Compensation एवं वैट सहित कुल 11689 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। सरकार उपलब्ध संसाधन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ आय के साधनों को भी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में झारखण्ड वनोपज अभिवहन नियमावली लायी गयी एवं कोविड सेस लगाया गया।

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