भाड़े की भीड़

मधुपुर उप चुनाव में भाड़े की भीड़ से सज रही है भाजपा की रैलियाँ !

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ऱांची : मधुपुर उप चुनाव में वोटिंग के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, रोचक होता जा रहा है। भाजपा को इस बार पार्टी के अंदरूनी कलह से लेकर कई अलग मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि भाजपा नेताओं को रैलियों में भीड़ जुटाने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। चूँकि चुनाव का समय नजदीक है और आला कमान को भीड़ भी दिखानी है. मसलन, बिहार ईट भट्ठों के संचालकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को रैलियों में भेजे। जी हां, यह मधुपुर उपचुनाव में भाड़े की भीड़ ही भाजपा नया का सच हो चला है. 

मधुपुर उपचुनाव में बिहार ईट भट्ठों के संचालकों को भाजपा ने दी है भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी 

मधुपुर में बिहार के ईंट-भट्ठों के मजदूरों को भाड़े की भीड़ के रूप में भाजपा की रैलियों में शामिल करने की घटनाएं वायरल हो चुकी है। इनमें महिला-पुरुष दोनों ही शामिल थे। भाजपा के झंडे ढो रहे इन मजदूरों से पूछा गया कि वे रैली में कैसे पहुंचे तो उनका जवाब था मालिक लेकर आये हैं. मजदूर यह नहीं बता सके कि मंच पर उपस्थित नेता कौन कौन है. दरअसल उन्हें आयोजन से कोई लेना देना ही नहीं था।  रैली में आयी एक महिला ने कहा कि वह ईट भट्टे में काम करती है मालिक ने कहा तो रैली में शामिल होने के लिए आ गई। महिला ने यह भी बताया कि जो भी मजदूर रैली में शामिल होने आये हैं उन्हें नाश्ता तक नहीं दिया गया। 

एक और घटना में मधुपुर में भाजपा के प्रचार वाहन को कुछ महिलाओं ने गालियां देकर लौटा दिया। भाजपा के प्रति जनता में आक्रोश बढ़ता दिख रहा है। भाजपा के प्रचार के दौरान इस तरह की घटनाएं मधुपुर में खूब हो रही हैं, और चर्चा का भी विषय बना हुआ है. मधुपुर में इन दिनों भाजपा का हर दांव उलटा पड़ रहा है. चाहे वह गंगा नारायण सिंह को टिकट देने का मामला हो या फिऱ चुनाव प्रचार. भाजपा का अंतर कलह खुलकर सामने आ रहा है। भाजपा अपने ही जाल में बुरी तरह फंसती दिख रही है। तमाम हालातों के मद्देनज़र भाजपा इस उपचुनाव में कुछ हासिल कर पायेंगे इसमें संदेह है।

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