रिकॉर्ड 75,000 कोरोना मरीज़ों को देख कर भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नहीं है छात्रों की चिंता: हेमंत

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केन्द्रीय शिक्षा मंत्री

रिकॉर्ड 75,000 कोरोना मरीज़ों को देख कर भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नहीं है छात्रों के सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता : हेमंत

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के अड़ियल रवैये और कोरोना संक्रमण में ले जा रही परीक्षा से हूं चिंतित

मोदी सरकार के दो मंत्रियों के विरोधाभाषी बयानों पर हेमंत सोरेन ने उठाया सवाल

राँची : कोरोना काल में जेईई-नीट परीक्षा लेने के जिद पर अड़ी केंद्र की मोदी सरकार के रवैये से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी चिंतित है. देश को लाखों छात्र-छात्राओं के हित में परीक्षा को कुछ अवधि तक स्थगित करने की मांग तो वे पिछले कई दिनों से कर रहे है. लेकिन केंद्र सरकार परीक्षा लेने की जिद पर अड़ी है. लाखों छात्रों के स्वास्थ्य को देख हेमंत सोरेन ने चिंता जतायी है.

उन्होंने कहा है कि कोरोना का संक्रमण भी देश में काफी तेज से फैल चूका है. हर दिन रिकॉर्ड 75,000 कोविड-19 मरीजों का मिलना लगातार जारी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कह रहे है कि कोरोना महामारी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. दूसरी तरफ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक यह कहकर छात्रों के भविष्य से खेलवाड़ कर रहे है कि लाखों छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है. ऐसे में परीक्षा टाली नहीं जा सकती है.

हेमंत का कहना है कि ऐसा कहकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री यह जता रहे है कि सितंबर में होने वाले #JEENEET परीक्षा लिख कर उनकी सरकार देश के लाखों छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खेलवाड़ कर रही है. केंद्र सरकार को परीक्षा में शामिल हो रहे लाखों छात्रों की कोई चिंता नहीं है. 

परीक्षा को छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बताकर हेमंत लिख चूके है पत्र 

ऐसा नहीं है कि हेमंत सोरेन केवल अपने सहयोग दलों के साथ ही केंद्र की इस पहल का विरोध कर रहे है. उन्होंने हर स्तर पर अनुरोध किया है कि कोरोना संक्रण को देख केंद्र कुछ समय के लिए परीक्षा को स्थगित कर दें. इसी बाबत दो दिन पहले उन्होंने रमेश पोखरियाल को पत्र लिखा था.

पत्र में भी छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा का हवाला हेमंत ने दिया था. उन्होंने कहा था कि सदियों में एक बार होने वाली ऐसी महामारी में परीक्षार्थियों की कठिनाई पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. छात्रों के करियर के लिए इन परीक्षाओं का अत्यधिक महत्व है. लिहाजा कोविड-19 महामारी काल में उनकी तैयारियों पर पड़े असर का भी संज्ञान सरकार को अवश्य लेना चाहिए.

दो मंत्रियों के विरोधाभाषी बयानों पर हेमंत ने उठाया सवाल

हेमंत ने केंद्र की मोदी सरकार के दो मंत्रियों के विरोधाभाषी बयानों पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि कोरोना मामले में पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखी गयी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री शनिवार को बयान दिये थे कि कोरोना को हल्के में न लें. मगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी के विचार अलग ही हैं. ऐसे में एक ही सरकार के दो मंत्री अलग-अलग बयानबाजी से यह समझ से परे है कि इस संक्रमण काल में परीक्षा लेकर लाखों बच्चों की संवेदनाओं और आशाओं के साथ खिलवाड़ करने के पीछे बीजेपी की क्या मंशा है. 

मुख्यमंत्री ने युवाओं से मांगा सुझाव

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब मामले पर देश के युवाओं विशेषकर चिकित्सक और इंजीनियरों से सुझाव मांगा है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी से जाहिर है कि सितंबर में आयोजित होने वाले JEE, NEET की परीक्षा लाखों बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इस बात का ध्यान केंद्रीय शिक्षा मंत्री को रखना चाहिए. ऐसे में देश के युवा परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों के स्वास्थ्य पर क्या राय रखते है, उस विचार दें.

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