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झारखंड के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन

झारखंड आंदोलन के आंदोलनकारियों की सुध ले रहे हेमंत सोरेन, 30 तक पहुँच चुका उनका हक व सम्मान

न केवल झारखंड आंदोलन बल्कि जेपी आंदोलन से जुड़े आंदोलनकारियों को भी चिह्नित कर सम्मानित कर रहे हेमंत

10 माह के कार्यकाल में हेमंत 30 आंदोलनकारियों तक पहुंचा चुके हैं हक व सम्मान

रांची। 2000 में अस्तित्व में आया ‘झारखंड राज्य’ कई चरणबद्ध आंदोलनों की देन है। जंगल और प्राकृतिक संपदा से भरे-पूरे इस राज्य को अस्तित्व में आने की कीमत कई आंदोलनकारियों का निस्वार्थ बलिदान व संघर्ष है। आज राज्य गठन के करीब 20 वर्ष पूरे होने को है।जिसमे अधिकांश सत्ता भाजपा की रही है। लेकिन,  कभी भी उनके शासन में अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वाले क्रांतिकारी आंदोलनकारियों की सुध लेने की प्रयास न होना दुखद है। वर्तमान की हेमंत सरकार में इस कलंक को मिटाने के लिए न केवल झारखंड आंदोलन बल्कि जेपी आंदोलन से जुड़े आन्दोलनकारियों को भी चिह्नित कर सम्मानित करने के ईमानदार प्रयास होता दिखता है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा ऐसे तमाम आंदोलनकारियों को ससम्मान आर्थिक मदद पहुंचाने की पहल हो चुकी है। इस कार्य के पीछे मुख्यमंत्री का यही मंशा प्रतीत होता है कि झारखंड में जल, जंगल तथा जमीन की बात करने वाले महापुरुषों व आंदोलनकारियों को, जिन्हें याद तक नहीं किया गया है, न केवल उनकी विरासत को सहेजना चाहती हैं, बल्कि उन्हें उनका हक सम्मान के साथ प्रदान भी करना चाहती है। झारखंडी भावना वाली वर्तमान सरकार अपने महापुरुषों के भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आन्दोलनकारियों के हित में कई विशेष कदम उठायी है। शायद यही वजह है कि इस लक्ष्य पूरा करने के लिए सीएम केवल 10 माह के कार्यकाल में 30 आंदोलनकारियों को सम्मान के साथ उनका हक प्रदान कर चुके हैं।

हेमंत सरकार में 11 आंदोलनकारियों अथवा आश्रितों के लिए 3000-3000 रुपये पेंशन की घोषणा

कोरोना काल के संक्रमण दौर में भी मुख्यमंत्री ने उन आंदोलनकारियों के हित में विशेष कदम उठाये। बीते अगस्त माह को उन्होंने झारखंड और जेपी आंदोलनकारी के रुप में चिन्हित किए 11 आंदोलनकारियों अथवा उनके आश्रितों को 3000-3000 रुपये प्रतिमाह मासिक पेंशन देने की घोषणा की। इसके लिए हेमंत ने आंदोलनकारी चिन्हिती करण आय़ोग से प्राप्त 13वीं संपुष्ट सूची को स्वीकृति दी। इसमें हजारीबाग के 8 और रामगढ़ के 3 आंदोलनकारी शामिल हैं। 

19 आंदोलनकारियों के आवेदनों को मंजूरी दी, मिलेगी सुविधाएं

इसी तरह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो दिन पहले ही राज्य के 19 और आंदोलनकारियों के आवेदनों को चिन्हित कर मंजूरी दी है। इस पहल से अब इन सभी आंदोलनकारियों को सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी। झारखंड/ वनांचल और जेपी आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग ने आंदोलनकारियों की सूचियों में सुधार करते हुए 19 आवेदनों का चयन किया है। चयनित लोगों को झारखंड में आंदोलनकारियों प्राप्त होने वाली सुविधाएं दी जायेंगी। जिसमे विशेषतौर पर पेंशन सुविधा शामिल हैं। इसमें बोकारो 2,  पूर्वी सिंहभूम के 4,  गिरिडीह के 1,  जामताड़ा के 2,  लोहरदगा के 3,  रांची के 5 और सरायकेला-खरसांवा के 2 आंदोलनकारी शामिल हैं। इन आंदोलनकारियों का चयन आयोग द्वारा पहली,  दूसरी,  तीसरी,  पांचवी,  छठी और नौवीं सूची के तहत किया गया है।

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