24 hours of lemons : मरीज़ की रेस में चीन भारत से 24 घंटे में हारेगा -आश्चर्य 2020

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24 hours of lemons race चीन भारत

एक तरफ, “24 hours of lemons” दौड़ के लिए पंजीकरण करने वाले संस्थान कोरोना संक्रमण के कारण आयोजित नहीं होने का पछतावा कर रहे हैं। तो क्या हुआ! 24 घंटे में मरीजों की दौड़ में चीन भारत से हारने वाला है। 

हैरानी की बात यह है कि मोदी जी के शब्द जैसे ताली-थाली, दीया-बाती, फूल-पत्तियां और आत्मनिर्भरता का असर कोरोना को नहीं हुआ है। लेकिन, “24 hours of lemons” रेस प्रेमियों के लिए खबर है कि आयोजक जून में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

24 hours of lemons race चीन भारत

24 hours of lemons : चीन भारत से रेस में हार जाएगा

24 घंटे के भीतर, कोरोना मरीजों की गिनती के मामले में, चीन भारत से हार जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कोरोनोवायरस के 81,970 मामले हैं, जबकि चीन में यह थोड़ा अधिक है। माना जाता है कि भारत आज चीन को इस मामले में पीछे छोड़ देगा। 

WHO का कहना है – दुनिया भर के 216 देश कोरोनोवायरस के अंतर्गत आते हैं। अब तक 42 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि लगभग 3 लाख लोग इस वायरस के कारण अपनी जान गँवा चुके हैं। 

भारत में पिछले 14 दिनों में, इस वायरस ने लोगों को अधिक गति से संक्रमित किया है। भारत में अब तक 2,649 लोग मारे गए हैं। इस बीच, यूरोपीय संघ ने कहा है कि साल के अंत तक यह एक वैक्सीन बना लेगा जो वायरस को नष्ट कर देगा।

24 hours of lemons : चीन भारत के बीच झारखण्ड की स्थिति 

संक्रमण को रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन में फंसे झारखंड के प्रवासियों को लाने के लिए कई विशेष ट्रेनें चलाई गईं। ज्ञात हो कि आज तक, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों पर पहुंचे हैं। और तत्काल बड़ी संख्या में लोगों को वापस लाने की तैयारी चल रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने इस संकट से नए तरीके से लड़ने की बात कही है।

जागरूकता अभियान : कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। सरकारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। सरकार झारखंड के लोगों के संपर्क में है। इसके लिए, घरों तक सूचना पहुंचाने का काम – ग्राम प्रधान, पंचायत मुखिया, आंगनबाड़ी-सेविका, अभिभावक, स्कूल समिति, शिक्षक और अन्य को सौंपा जा रहा है।

अतिरिक्त राशि : रेड जोन क्षेत्र के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे क्षेत्रों में, सभी लोग घर पर अलग रहेंगे। उन्होंने कहा कि बंद के कारण फंसे श्रमिकों की मदद के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों में 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि पहुँचाई गई है।

विशेष पैकेज : अलग  आवासों में रखे गए लोगों को विशेष पैकेज वितरित किए गए हैं, जिसमें 10 किलो चावल, एक किलो अरहर की दाल, एक किलो चना दाल, तेल और एक किलो नमक शामिल है।

ऑनलाइन क्लास : निजी स्कूलों ने तालाबंदी खत्म होने के बाद कक्षाएं चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन क्लास जारी रखने की योजना है। सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के बच्चे अलग-अलग दिनों में स्कूल आएँगे। ताकि कोरोना 24 hours of lemons में झारखण्ड जीत सके।

Conclusion, अंत में  

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ऐसे में पूंजीपति वर्ग के दबाव में केंद्र नाकेबंदी को हटाने की तैयारी कर रही है। यह हिंदुस्तान के लिए एक घातक कदम हो सकता है। इस समय, परीक्षण और उपचार बड़े पैमाने पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा, केंद्र को राज्यों के मुख्मंयत्री को हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए। तो आप जनता को इस संकट से निकाल सकते हैं।

यदि उत्पादन और लाभ के चक्कर में बड़ी संख्या दिखाते हुए पल्ला झाड़ने के प्रयास होंगे, तो हिनुस्तान के लिए एक घातक कदम हो सकता है। और श्रम कानून में परिवर्तन करना ठीक वैसा ही होगा -जैसे गरीब को दुश्मनों के आगे निहथा छोड़ देना। जिससे भी हम कोरोना से 24 hours of lemons रेस हार जायेंगे।

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