जगरनाथ महतो को चुनावी रणनीति के चक्रव्यू में उलझाने का प्रयास : झामुमो गिरिडीह

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जगरनाथ महतो

भाजपा चुनावी रणनीति के तहत जगरनाथ महतो को चक्रव्यू में उलझाने का प्रयास : झामुमो गिरिडीह

झारखंड के चुनाव में अब एक वर्ष से भी कम समय शेष रह गया है, और जनता का असन्‍तोष सरकार के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। इन परिस्थितियों में यह भी साफ़ होता जा रहा है कि 2019 के चुनावी फसल काटने को मौजूदा सरकार और उसके अनुषंगी दल पूरी तरह तैयार है। भाजपा की दृष्टि एकदम साफ़ है, अपने विरोधियों को कुचलने के लिए राज्य भर में धर्म, जाति एवं अपने प्रशासनिक तंत्र की मदद से हर हद तक जाने में किसी प्रकार का गुरेज़ नहीं करेंगे। भाजपा ने अपने इस अजेंडे के तहत तमाम विपक्ष के कई विधायकों के सदस्यता समाप्त करने में अहम् भूमिका निभाई है। इसी कड़ी में अब डुमरी विधायक जगरनाथ महतो का नाम जुड़ने वाला है।

जगरनाथ महतो भारत के झारखण्ड राज्य की डुमरी सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। 2014 के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लालचन्द महतो को 32481 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। वहां की जनता इन्हें टाइगर के नाम से संबोधित करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) या झामुमो भारत की एक क्षेत्रीय राजनैतिक दल है जिसका प्रभाव क्षेत्र नव-सृजित झारखंड के समस्त एवं उड़ीसा, बंगाल तथा छत्तीसगढ के आदिवासी इलाकों में है। भाजपा के झारखंड इकाई को यह अहसास है कि राजनीति में उनके सक्रीय रहते वे  डुमरी सीट नहीं जीत सकते है। साथ ही उनके बढ़ते कद से गिरिडीह लोकसभा सीट भी गवां सकते हैं।

इस मुद्दे में गिरिडीह झामुमो का कहना है कि आन्दोलन एक संवैधानिक अधिकार है और आन्दोलन के क्रम में कोई पदाधिकारी की मृत्यु उसकी अपनी किसी बीमारी कि वजह से हो जाती है तो इसे दुर्भाग्य कहा जा सकता है। लेकिन यह सरकार इसके आड़ में अपने विरोधियों पर निशाना साध रही है। यह तो सरा-सर सत्ता का दुरूपयोग करने वाली बात है। दरअसल यह सरकार ऐसे झूठे मुद्दे उछाल कर विरोधियों को डराने का प्रयास कर रही है और असली मुद्दों को हाशिये पर धकेल देने की रणनीति पर कार्य कर रही है।

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