आदिवासी समाज के प्रतिभावान स्तम्भों को तोड़ रही रघुबर सरकार: हेमंत सोरेन

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp
झारखंड संघर्ष यात्रा का दुसरे चरण

सिमडेगा: आदिवासी समाज के हक़ के लिए शुरू की गयी झामुमो के झारखंड संघर्ष यात्रा के दुसरे चरण का काफिला 29/10/2018, सोमवार शाम को सिमडेगा पहुंच चौपाल में जनता के ज्वलंत सवालों का माकूल जवाब दिए व जिला सर्किट हाउस (परिसदन भवन) में रात्री विश्राम किये। 30 अक्टूबर की सुबह यात्रा के शुरू होने से पहले फादर-सिस्टर एवं पाढा राजा के साथ मुलाक़ात कर राज्य की व्यवस्था पर गहन चर्चा किये।

आगे वे अपने काफिले को लेकर सीधा सिमडेगा के एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम पहुंचे, वहाँ हॉकी खेलने वाली खिलाड़ियों और स्कूल में पढने वाले बच्चों के समक्ष हेमंत जी ने तीसरे यूथ ओलंपिक में भारत को रजत पदक दिलाने वाली भारतीय जूनियर हॉकी टीम की जुझारू कप्तान एवं झारखंड की बेटी सलीम टेटे की हौसला-अफजाई करते हुए उन्हें सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने उनके कोच-प्राध्यापिका-प्रबंधक को भी सम्मानित किया। गौरतलब है कि सिमडेगा में बने इस हॉकी एस्ट्रो टर्फ की संस्तुति हेमंत सोरेन जी ने बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए दी थी। राज्य कि प्रतिभावान खिलाडियों को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमें भली भांति ज्ञात है कि हमारे खिलाड़ी संसाधन के आभाव में तैयारी करने को विवश हैं। शिक्षा एवं खेल-कूद किसी भी समाज के सम्पूर्ण विकास के दो महत्वपूर्ण स्तम्भ है। यह दमनकारी सरकार अपनी कुनीतियों से आदिवासी समाज के इन स्तम्भों को लगातार तोड़ने की पुरज़ोर कोशिश कर रही है। लेकिन यह मजबूत समाज है, हारने वाला नहीं है। उन्होंने कहा 2019 में हमारी सरकार झारखण्ड को उच्च स्तरीय शिक्षा और खेल-कूद के दृष्टिकोण से पूरे राष्ट्र में एक प्रतीक के रूप में विकसित करने का काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सिमडेगा चूंकि देश और राज्य का हॉकी का गढ़क्षेत्र है इसलिए इस खेल को बढ़ाने के लिए यहाँ के हर एक ब्लॉक में सरकार आने पर एस्ट्रो टर्फ का निर्माण किया जाएगा और ख़िलाड़ियों के लिए रहने हेतु उचित व्यवस्था की जाएगी। हेमंत जी ने यहाँ हॉकी खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतर कर प्रतिद्वंदी को परास्त करने वाले गुर भी सीखे।

इसके बाद उन्होंने संघर्ष यात्रा को आगे बढाते हुए सिमडेगा नगर भवन में इंतजार में व्याकुल हो रही जनता को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद नौकरी, खेल, शिक्षा एवं अन्य आयामों को उनकी सरकार प्रमुखता के साथ दुरुस्त करेगी। खासकर महिलाओं को उनके द्वारा दिए गये 50% आरक्षण को फिर से लागू किया जाएगा ताकि झारखण्ड कि महिलाओं को रोटी के लिए अन्य जगह भटकना न पड़े। साथ ही उन्होंने कहा कि मानकी मुंडा एवं मांझी परगना व्यवस्था को और अधिक पैमाने पर मजबूती से लागू किया जाएगा। तत्पश्चात हेमंत जी एवं पूरा कारवाँ असंख्य दो चक्के वाहनों के संग बढ़ते हुए ठेठईटांगर पहुंचा जहाँ उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। यहाँ उन्होंने ज़मीनी मुद्दे एवं सरकार के अन्य जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करते हुए जनता को अपने हक़ के लिए आन्दोलन का आह्वान किया ।

आगे झारखंड संघर्ष यात्रा का जत्था झारखंड प्रदेश की खूबसूरती एवं लोकनृत्यों द्वारा स्वागत का आनंद लेते हुए कोलेबिरा पहुंचा, पहाड़ों से घीरे स्कूल के मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में पूर्व विधायक अमित महतो ने स्थानीय नीति पर सरकार द्वारा किये गए प्रहार पर वहां मौजूद जनता को जागरूक किया। तो वहीँ विधायक चमरा लिंडा एवं विधायक पोलुस सोरेन ने सरकार के जन विरोधी नीतियों एवं काम-काज को जनता के बीच रखा। अंत में हेमंत जी ने जनता को समझाया कि 2019 करो या मरो का समय है। अगर 2019 में भाजपा को भगाया नहीं गया तो हम झारखंडियों के पास कुछ भी नहीं बचेगा। हम और हमारे बच्चे अपने ही घर में बेगाने होने को मजबूर हो जायेंगे, मालिक मजदूर बना दिया जाएगा।

कोलेबिरा के बाद पूरी टीम पालकोट पहुँची, जहाँ गुमलावासियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। तत्पश्चात गुमला परिसदन भवन पहुँच कर हेमंत जी ने चालीसवां सदर सेक्रेट्री के साथ बैठक की। इस बैठक में भी राज्य की वर्तमान व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी के साथ आज के झारखंड संघर्ष यात्रा के दुसरे चरण के कार्यक्रम को कल के लिए विराम दिया गया।

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.