JPSC : हेमन्त सत्ता में मूल युवाओं की चिंता बीजेपी को क्यों लगता है मजाक

JPSC : हेमन्त सत्ता में मूल युवाओं की चिंता बीजेपी को क्यों लगता है मजाक

झारखण्ड JPSC : पूर्व OBC सीएम रघुवर दास JPSC जांच पर स्पष्टीकरण न दे क्यों कर रहे हैं मुद्दे से भटकाने का प्रयास? क्या बीजेपी नहीं देना चाहती थी आदिवासी-मूलवासी को लाभ? क्या बीजेपी नेता के ऐसे बयान केवल गृहमंत्री आगमन को संरक्षण देना भर है?   रांची : झारखण्ड विधानसभा में सीएम हेमन्त सोरेन के … Read more

वर्षों ठगे गए टाना भगतों के माँगों को अंजाम तक पहुँचाया झारखंडी पुत्र हेमंत ने

टाना भगतों

टाना भगतों की मांग कोई नहीं है, 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा करने वाली रघुवर सत्ता ने इन्हें किया था नज़रअंदाज़ राँची : झारखंड के टाना भगत किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। यह समुदाय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसात्मक नीतियों से प्रभावित होकर आज़ादी की लड़ाई लड़ी है। और आज भी वे महात्मा गांधी … Read more

पूर्व सीएम का खुद को गरीबों का नेता बताने का प्रयास

पूर्व सीएम

झारखंड की राजनीति में दिलचस्प घटनाएँ घट रही है। लॉकडाउन के बीच, पूर्व सीएम ने वर्तमान सरकार पर हमला किया है। दरअसल, पूर्व सीएम का यह हमला केंद्र की बचाव का प्रयास ज्यादा प्रतीत होता है। क्योंकि, पूर्व सीएम अपनी दलील में राज्य के ग़रीबों और ज़रूरतमंदों पर सवाल उठाया है। जो खुद में ही … Read more

आशीर्वाद यात्रा के मंचो से मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कंबल घोटाले का क्या हुआ ?

आशीर्वाद यात्रा

झारखंड की रघुवर सरकार इन दिनों झारखंड आशीर्वाद यात्रा के रूप में अपने नात्सी पिता गोयबल्स के तरीके अपना रही हैं। हिटलर के प्रचारक गोयबल्स ने कभी कहा था कि एक झूठ को सौ बार दुहराने से वह सच बन जाता है। ख़ास तौर पर तब, जब जनता के हालात बदतर हो गये हों, वह … Read more

झारखंडी सम्मान, हमारी बहनों की बेइज्जती होने पर भी सुदेश क्यों नहीं बोलते 

झारखंडी सम्मान

आंगनबाड़ी बहने नहीं हमारी झारखंडी सम्मान की बेइज्जती है  झारखंड में आंगनबाड़ी वर्कर्स, गुलाबी साड़ी में नेवी ब्लू रंग की पाड़ वाली महिलाओं का झुंड, यूँ कहें कि झारखंड भर के शिशुओं की माँ, अपने खुद के बच्चों को बिलखते छोड़, अपने घरों को बेसहारा छोड़, जीने के आम शर्तों के लिए तकरीबन सवा महीने … Read more

एक तानाशाह तो एक झारखंडी माटी पुत्र 

एक तानाशाह और एक माटी पुत्र

शोषण करने वाले शोषण सहने वाले से कहीं अधिक दोषी होते है क्योंकि, शोषित परिश्रमी होते हैं जबकि शोषक ऐयाशबाज़, एक तानाशाह व आरामदेह जीवन बिताने वाले। यही वजह है कि मनुष्य आज जानवर शरीके जीने को मजबूर हैं। शोषक जानते हैं कि शोषित में कभी एकता नही बनेगी, इसलिए वे उनके खिलाफ़ में न … Read more