झारखण्ड : महतो समाज को समीक्षा कर सड़े सेब को फैकना होगा

झारखण्ड : महतो समाज को समीक्षा कर सड़े सेब को फैकना होगा

झारखण्ड : महतो समाज को समीक्षा कर उस विभीषण का पाता लगाना होगा जिसके आसरे सामंतवाद उसके विधायक-नेता को समाप्त कर रहा है. यदि वह सक्रीय नहीं हुआ तो उसकी स्थिति लोजपा व पासवान समाज सरीखे हो सकता है.  रांची : बीजेपी जैसे राजनीतिक दल के साथ जिस किसी क्षेत्रीय पार्टी ने गठबंधन किया उसकी … Read more

भाजपा के आगे सुदेश का कद हुआ और बौना

भाजपा के आगे आजसू का कद बौना

भाजपा के आगे सुदेश हुआ और बौना ‘दीवार’ फिल्म का वह दृश्य याद कीजिये, जिसमें मंदिर में मां की पूजा के बाद अमिताभ और शशिकपूर दो अलग अलग रास्तों पर नौकरी के लिये निकल जाते हैं। अमिताभ एक ऐसे रास्ते चल पड़ता है, जहां पैसा है, सुविधा है। वहीँ दूसरी तरफ उसी का भाई शशि … Read more

झारखंडी सम्मान, हमारी बहनों की बेइज्जती होने पर भी सुदेश क्यों नहीं बोलते 

झारखंडी सम्मान

आंगनबाड़ी बहने नहीं हमारी झारखंडी सम्मान की बेइज्जती है  झारखंड में आंगनबाड़ी वर्कर्स, गुलाबी साड़ी में नेवी ब्लू रंग की पाड़ वाली महिलाओं का झुंड, यूँ कहें कि झारखंड भर के शिशुओं की माँ, अपने खुद के बच्चों को बिलखते छोड़, अपने घरों को बेसहारा छोड़, जीने के आम शर्तों के लिए तकरीबन सवा महीने … Read more

आजसू पार्टी द्वारा NIA जांच की मांग केवल सेंटीमेंट भड़काना है

आजसू पार्टी NIA जांच क्यों कारवाना चाहती है

क्या आजसू पार्टी के सुदेश महतो नहीं पता NIA नहीं बल्कि CBI देश का सर्वोच्च जांच एजेंसी है –पीसी महतो (चक्रधरपुर) की कलम से… जमात की राजनीति करने का दावा करने वाले आजसू पार्टी के सुप्रीमों सुदेश महतो चुनाव के समय जात की राजनीति में उतर आते हैं। एक जाति विशेष के लोगों का वोट … Read more

चमकदार चेहरा!, धनी-पार्टी, स्वयंसेवकों की फौज!… पर वोट नहीं!

Hemant soren

  दामोदर दास पाठक बीजेपी 2014 के चुनावों के बाद 8 सीटें हार चुकी है, कैराना, भंडारा–गोदिया, फूलपुर, गोरखपुर, अलवर, अजमेर, गुरुदासपुर, रतलाम, जबकि शिमोगा-बेल्लारी लोकसभा सीट खाली पड़ी हैं जहां उपचुनाव अभी होने हैं। मतलब भाजपा की सुई लोकसभा के जादुई आंकड़े 282 से घटकर 272 पर आकर खड़ी हो गयी है। ये आंकड़े … Read more

झारखण्ड की नारियों ने दामोदर में किया मोदी लहर का विसर्जन!

sima & babita

  अप्रैल के महीने में सुर्खियों में रही कुछ घटनाएँ इस ओर साफ़ इशारा कर रही हैं कि यह चतुर्दिक संकट अपनी पराकाष्ठा पर जा पहुँचा है। जहाँ एक ओर कठुआ और उन्नाव की बर्बर घटनाओं ने यह साबित किया कि फ़ासिस्ट दरिंदगी के सबसे वीभत्स रूप का सामना औरतों को करना पड़ रहा है … Read more