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Tag Archives: modi

प्रधानमंत्री का यकायक सोशल मीडिया से संन्यास क्यों

प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री का सोशल मीडिया से संन्यास क्यों लेना चाहते हैं   सोशल मीडिया से गुजरात से दिल्ली तक का राजनीतिक सफ़र तेजी से तय करने वाले प्रधानमंत्री यदि यकायक कहें कि वह इसे अलविदा कहने वाले हैं तो स्वतः मन में संदेह जन्म ले लेता है। कहीं 8 नवंबर की …

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मन की बात कहना अलग और सुनना अलग बात है

मन की बात

एक तुर्की कहावत है ‘यदि कहना/बोलना चाँदी है, तो सुनना सोना है’। कई लोग कई संचार माध्यम का उपयोग कर अपनी मन की बात व्यक्त करते हैं। लेकिन मन की बात कहना व सुनना दोनों अलग आयाम हैं, यहाँ समानुभूति का अभाव होता है। समानुभूति यानी जब ‘मैं’ नदी, चिड़िया, …

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#GOBACKMODI #गोबैक मोदी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है 

#GOBACKMODI

प्रधानमंत्री मोदी के झारखंड कार्यक्रम से पहले ही टि्वटर पर हैश टैग के साथ गोबैक मोदी #GOBACKMODI ट्रेंड करने लगा और टॉप पर पहुँच गया।

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मोदीजी के पहली ही सभा में लगे रघुवर हाय-हाय के नारे!

मोदीजी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदीजी के झारखंड के पहले सभा में ही, झारखंडी जनता ने रघुवर हाय-हाय के नारे लगा राज्य में उनके सुशासन कलई खों दी

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फ़क़ीर प्रधानमंत्री का क्या झोला उठा कर चलने का वक़्त आ गया है !

फ़क़ीर प्रधानमंत्री

भाजपा द्वारा जारी लगातार धुआंधार प्रचार, फ़क़ीर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लगभग 161 सभाएँ- रैलियाँ और अरबों करोड़ के चुनावी खर्च के बावजूद लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन चारों खाने चित्त होते दिख रही है। सारा हाईटेक प्रचार और मीडिया प्रबंधन धरा का धरा रह गया है। अपने ‘विकास’ के …

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सरकार बहादुर के पास रोजगार के आँकड़े तक नहीं जबकि देश के युवा बेरोजगार हैं!

सरकार बहादुर

बेरोज़गारी दर 7.2% हो गयी, सरकार बहादुर के पास नौकरियों के आँकड़े तक नहीं झारखंड के नौजवानों के सामने आज सबसे बड़ी समस्या रोज़गार है। जबकि यहं किसी भी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा की भी कमी नहीं है। एक-एक नौकरी के पीछे हज़ारों-हज़ार आवेदन किये जाते हैं पर नौकरी तो कुछ …

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एनडीए की सरकार पर देश के ग्रामीण जनता को यकीन नहीं

एनडीए

एनडीए के चौकीदार अम्बानी-अडानी के पैसों के बूते हेलीकॉप्टरों में घूम घूम कर इस बार भी सभा करनी शुरू कर चुके हैं। हालांकि अब तो उनके सभाओं में पैसे दे-देकर भीड़ जुटाने के बावजूद आधी कुर्सियाँ ख़ाली ही पड़ी रह जा रही हैं। यही कारण है कि मोदी ज़्यादा चीख़-चिल्ला …

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साहेब की धार्मिक सत्ता के बीते वर्षों में क्या हुआ भूले तो नहीं ?

साहेब की धार्मिक सत्ता

बीते वर्षों में साहेब की धार्मिक सत्ता में देश तीतर-बीतर हो गया  आज रामनवमी के अवसर पर आडम्बर से भरे रामभक्तों को देख कृष्णकाल की वृतांत याद आ जाती है, जब आज के प्रधान नेता के ही भांति उस वक़्त भी किसी को इतना घमंड हो गया था कि वह …

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संघ विचारधारा के केवल अक्स भर हैं नरेंद्र मोदी

संघ-मोदी

सर-संघ-चालक गोलवलकर ने किताबों में हिटलर की भूरी-भूरी प्रशंसा की है  नरेंद्र मोदी का उभार सिर्फ एक व्यक्ति का उभार नहीं है बल्कि आर्थिक संकट में फंसी अर्थव्यवस्था के बीच फासीवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उभार है। अगर हम यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने में गलती करते हैं …

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चुनाव आयोग अब महात्मा गांधी व बाबा साहब अंबेडकर के नक्शेकदम पर

चुनाव आयोग

इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि, ऐसे समय में जब सत्ता एक जगह निहित हो, तो महज चंद दिनों पहले चुनाव आयोग के उठाये गए कदमों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन रखने वालों को थोड़ी सी सुकून ज़रूर पहुँचाई है, और महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर ने जिस संवैधानिक …

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