मन की बात कहना अलग और सुनना अलग बात है
एक तुर्की कहावत है ‘यदि कहना/बोलना चाँदी है, तो सुनना सोना है’। कई लोग कई संचार माध्यम का उपयोग कर अपनी मन की बात व्यक्त करते हैं। लेकिन मन की बात कहना व सुनना दोनों अलग आयाम हैं, यहाँ समानुभूति का अभाव होता है। समानुभूति यानी जब ‘मैं’ नदी, चिड़िया, बच्चा या वह हो जाऊँ! … Read more