आदिवासी-मूलवासियों के लिए स्थानीय भाषा में शिक्षा जरुरी
भारत श्रम संस्कृति के वाहक बहुसंख्यक आबादी का लोकतांत्रिक राष्ट्र है. इस राष्ट्र में यह बहुसंख्यक आजादी के बाद भी गरीब हैं. इनके मत बेमायने हैं. इनके उत्थान के लिए स्थानीय भाषा में शिक्षा अति आवश्यक. रांची : भारत श्रम संस्कृत के वाहक बहुसंख्यक आबादी का लोकतांत्रिक राष्ट्र है. अनुसूचित जातियों -आदिवासी, दलित, शूद्रों, गरीबों … Read more