वृद्धों को हेमन्त सरकार में मिल रहा आश्रय – सिलम घाटी के पहाड़ों में बना 50 बेड का वृद्धाश्रम 

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वृद्धों को झारखण्ड में मिल रहा आश्रय

परिवार द्वारा घर से निकाले जाने, गरीबी या अन्य कारणों से मुसीबत झेल रहे वृद्धों को हेमन्त सरकार में मिल रहा है आश्रय 

 ओल्ड एज होम में 25 महिला व 25 पुरूषों वृद्धजनों को मिलेगा आश्रय 

मानवीय शरीर की क्षीण काया परिवार की मजबूत नींव की कहानी कहती है. जैसे पुरानी मजबूत नींव मकान की विशालता का सबूत देती है. ठीक उसी तरह परिवार के वृद्धजन परिवार की संगठन शक्ति का उदाहरण देते हैं. जिन परिवारों में वृद्धों का आशीर्वाद बना रहता है, वहां संपन्नता और सुख-शांति, अनुशासन व्याप्त होता है. वह परिवार मुसीबतों का एकजुटता से सामना करता है और कुशलता पूर्वक जीवन का सफ़र तय करता है.

लेकिन, अफसोस आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में वृद्धों की दी नसीहत मोल नहीं रखता. अर्थ प्रधान युग में पैसे की दौड़ इस कदर हावी हो गया है कि एक शिक्षित-समझदार, स्वावलम्बी, संस्कारों से परिपूर्ण व्यक्ति भी अक्सर वृद्धजनों को वृद्धाश्रम के भरोसे छोड़ जाता है. झारखंड में ऐसे वृद्धों के लिए समस्या उत्पन्न न हो. हेमन्त सरकार झारखंड में ऐसी समस्याओं के निराकरण के मद्देनजर वृद्धाश्रम भी बनाने काम कर रही है. इसी कड़ी में गुमला जिले में सिलम घाटी के पहाड़ के समीप 50 बेड का वृद्धाश्रम बनवाया गया है.

हेमंत सरकार में प्रशासन भी वृद्धों को आश्रय दिलाने को संकल्पित

हेमन्त सरकार की संवेदनशीलता परिवार द्वारा घर से निकाले गए, गरीबी या अन्य कारणों से मुसीबत झेल रहे वृद्धजनों की समस्यों को समझते हुए सुध ले रही है. हेमंत सरकार के प्रशासन भी आश्रय दिलाने को संकल्पित है. गुमला शहर से लगभग चार किलोमीटर दूर सिलम घाटी के पहाड़ के ऊपर 50 बेड की क्षमता वाला वृद्धाश्रम बनया गया है. इस ओल्ड एज होम में 25 वृद्ध महिला व 25 वृद्ध पुरूषों को आश्रयदेने की क्षमता है. जो जल्द शुरू होने को तैयार है. समाज कल्याण विभाग गुमला ने प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. ताकि ओल्ड एज होम में वृद्धजनों को घर जैसा माहौल मिल सके. 

ज्ञात हो, ओल्ड एज होम का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाएगा. लेकिन, निगरानी समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा. ओल्ड एज होम के संचालन के लिए एनजीओ से आवेदन मांगा जायेगा. समाज कल्याण विभाग द्वारा उस आवेदन को सरकार के पास चयन हेतु भेजेगा. जिस एनजीओ का चयन होगा, उसे ओल्ड एज होम के संचालन की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी. 

समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अमुसार ओल्ड एज होम का 50 बेड का भवन बन कर तैयार हो चुका है. एनजीओ के चयन होते ही इस ओल्ड एज होम को चालू कराया जाएगा. विभाग के अनुसार ओल्ड एज में रहने वाले वृद्धजनों को आवास, भोजन से लेकर हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जायेगी. गुमला विधायक भूषण तिर्की ने जानकारी साझा किया कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से ओल्ड एज होम की मांग थी. उन्होंने बताया कि ओल्ड एज शुरू होने के बाद वृद्धजनों को आश्रय दिया जाएगा.

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