जाहिर है कि झारखंड की राजनीति में आज किसान या युवाओं से जुड़ा मुद्दा ही सर्वोपरी हो चला है। मौजूदा सत्ता व संघ के विचारधारा से किसानों के मुद्दे, युवाओं…

Continue Readingघोषणा पत्र मिडिया के समक्ष पेश किया झामुमो ने

बीमारी में भी गुरूजी ने अलग झारखंड की आस न छोड़ी  पिछले लेख में हमने देखा कि उपायुक्त के. बी. सक्सेना गुरूजी के प्रति सॉफ्टकार्नर रखने लगे थे। इधर गुरूजी…

Continue Readingबीमारी में भी गुरूजी शिबू सोरेन ने अलग झारखंड की अलख जगाये रखी  -भाग 6

झारखंड मुक्ति मोर्चा के शंघर्ष से भरे आन्दोलन का परिणाम है अलग झारखंड शिबू सौरेन ने बिनोद बाबू के निधन के तुरंत बाद ही 27-28 जनवरी 1992 को धनबाद सराइढेला…

Continue Readingझारखंड मुक्ति मोर्चा के आन्दोलन का परिणाम है अलग झारखंड

‘ज़िंदगी तल्ख़ सही लेकिन दिल से लगाए रखना’ - संथाल किंग गुरूजी -भाग 4 भारत के बड़े पूँजीपति वर्गों ने अपनी लूट-खसोट पर केन्द्रित मुनाफे को गति देने के लिए…

Continue Readingसंथाल नवोदय को गुरूजी ने गठा, बाद में वह आदिवासी सुधार समिति कहलाया -4

मौसमी रोजगार के लिये प्रति वर्ष लाखों की संख्या में पश्चिम बंगाल जाने वाले उन श्रमिकों का क्या होगा जो अपने परिवार का भरण-पोषण, धनकटनी व अन्य कार्यों के माध्यम से करते हैं? उन दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यवसायियों के परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा जिनके मुखिया पश्चिम बंगाल में रोटियाँ तलाशने जाते हैं?

Continue Readingझारखण्ड और बंगाल के बीच रंगों की लड़ाई में पिसती जनता!