सामान्य को साइकिल योजना व विदेश में पढ़ने से, मदरसों को अनुदान से SC/ST को मिल रहा कल्याणकारी योजना से लाभ

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp

सामान्य वर्ग को साइकिल योजना और विदेश में पढ़ने का लाभ, मदरसों को अनुदान तो SC/ST को भी मिल रहा कल्याणकारी योजना से लाभ. बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के हित में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कर रहे काम. 

रांची : झारखंड की सत्तारूढ़ हेमन्त सोरेन सरकार पर प्रदेश भाजपा नेताओं द्वारा हर बार तुष्टिकरण की नीति के तहत काम का आरोप लगाया जाता रहा है. हालांकि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को इससे फर्क नहीं पड़ता है, उनके राजनीति विरोधी उनकी सरकार पर क्या आरोप लगाते हैं. क्योंकि वे अनर्गल बयानबाजी पर टिप्पणी करने के बजाय राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के हित में काम करने पर भरोसा करते देखे जाते हैं. उनकी मंशा दिखती है कि उनके कार्यकाल में समाज के हर वर्ग के लोगों के हित में काम हो. यहीं कारण है कि आज हेमन्त सरकार में सामान्य, अल्पसंख्यक सहित अनुसूचित जाति – अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है.  

सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी साइकिल योजना से लाभ, पैसे की जगह मिलेगा साइकिल

हेमन्त सरकार में अब सरकारी विद्यालयों के सामान्य वर्ग के सभी छात्र-छात्राओं को भी साइकिल योजना का लाभ दिया जाएगा. पहले साइकिल योजना का लाभ प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग को मिलता था. कैबिनेट की बैठक में झारखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने वाले एवं अध्ययनरत सामान्य वर्ग के सभी छात्र-छात्राओं को साइकिल योजना के अंतर्गत साइकिल उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी गई है. 

इसके अलावा सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के सरकारी स्कूल के कक्षा 8वीं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिल के पैसे नहीं ब्लकि सीधे साइकिल दी जाएगी. इससे पहले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा साइकिल की जगह पैसे दिया जाता था, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था. लेकिन अब सोरेन सरकार ने फैसला लिया है कि वह इन छात्रों को 4500 रुपये की साइकिल देगी.

एसटी ही नहीं, सामान्य सहित सभी वर्गों को हेमन्त सरकार देगी विदेश में पढ़ने का मौका

शनिवार को हजारीबाग में आयोजित प्रमंडल स्तरीय मेगा परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सीएम कहा है कि राज्य सरकार सभी वर्ग के छात्रों को उच्चतर शिक्षा के लिए विदेश जाने का मौका देगी और इसका पूरा खर्च उठाएगी. बता दें कि वर्तमान में यह योजना केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए है. हाल में ही राज्य से मरांग गोमके पारदेशीय शिक्षा योजना के तहत छह आदिवासी विद्यार्थियों को विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा गया है. सीएम ने कहा है कि अब इस योजना को सभी वर्ग के छात्रों के लिए शुरू किया जाएगा.

183 मदरसों को अनुदान देकर अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों का विकास चाहती है हेमन्त सरकार.

इसी तरह हेमन्त सोरेन राज्य के 183 मदरसों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कमियों को अनुदान देने का फैसला किया है. यह फैसला बीते वर्ष जून माह में ही किया गया था. हालांकि कई मदरसों पर अनुदान लेने के लिए तय अर्हता पूरी करने में कुछ परेशानी सामने आयी थी. लेकिन बीते दिनों ही कैबिनेट में बैठक कर अनुदान देने की प्रक्रिया में कुछ संशोधन किया गया है. इससे साफ है कि मुख्यमंत्री मदरसों को अनुदान देकर अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के विकास करना चाहती है. 

एसटी-एससी वर्ग के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए उठाया जा रहा कदम

इसी तरह एसटी-एससी बच्चों के शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हेमन्त सरकार काम कर रही हैं. साइकिल योजना, विदेश में शिक्षा देने जैसी योजनाओं में तो एसटी-एससी वर्ग के बच्चों को तो शामिल किया ही जाता है. लेकिन इन वर्गों के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए सरकार ने दो विशेष योजनाएं चलायी है. 

  1. पहला – संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सफल एसटी-एससी छात्रों को आगे की तैयारी के लिए राज्य सरकार एक-एक लाख रुपए देगी.
  2. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को लिपकीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जिलों में विशेष कोचिंग केंद्र खोले जाएंगे. इन सभी केंद्रों पर विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.