उद्योग आधार से झारखंड को मिलेगी नयी पहचान, होगा व्यापार बढ़ोतरी व रोज़गार सृजन

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उद्योग लाइसेंस का सरलीकरण, फूड प्रोसेसिंग और साइकिल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट की होगी स्थापना, सेवा गारंटी अधिनियम में सेवाओं को प्रमुखता से किया गया है शामिल 

रांची। खनिज भंडारण से समृद्ध झारखंड आशाओं के साथ जब बिहार से अलग हुआ। जिसके अक्स तले उद्योगीक विकास से लेकर सुशासन की प्रयोगशाला के स्वर्णिम अवसर थे। लेकिन, वह पहली सत्ता कैसी हो सकती है, जिसके कैनवास में झारखंड के दोहन का सच उभरे। जिसके शासन में खनन तो हो लेकिन झारखंड औद्योगिक रूप से पिछड़ जाए। और जनता एसी परिस्थिति में पहुँच जाए, जहाँ रोज़गार के लिए पलायन ही उसका अंतिम सच शेष रह जाए। तो कैसे वह मानसिकता मानवीय हो सकती है। कैसे उस विचारधारा पर आधारित दल खुद को विकासरोधी मान सकती है।  

राज्य की मौजूदा सत्ता को यदि नयी पहल करते हुए झारखंड को उद्योग क्षेत्र में विशेष पहचान के खातिर उद्योग आधार जैसे शुरुआती पहल करनी पड़े। तो जाहिर है भाजपा का विकास का थोथा दंभ केवल सत्ता के कवायद से इतर कुछ नहीं। ज्ञात हो कि हेमंत सरकार ने राज्य के छोटे व मझोले व्यापारियों को सहूलियत व अपडेटेड दिशा देने के मद्देनज़र कई निर्णायक निर्णय लिये हैं। जो निश्चित रूप से राज्य में व्यापार और रोज़गार सृजन में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

व्यापार की दिशा में हेमंत सरकार के नए व ठोस कदम 

  • लाइसेंस की प्रक्रिया के सरल करने के दिशा में निर्णय लिये गए है।
  • इंडस्ट्री प्रोमोशन टीम का गठन होगा 
  • साइकिल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना 
  • फूड प्रोसेसिंग की दिशा में वृहत्तर कार्य योजना 
  • सेवा देने की गारंटी के तहत कुछ सेवाओं को जोड़ना प्रमुखता से शामिल 

झारखंड सरकार – लाइसेंस प्रक्रिया का होगा सरलीकरण 

राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हेमंत सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण करने का महती फैसला लिया है। उद्देश्य इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के मातहत सरकार ने फैक्ट्री एक्ट में संशोधन करने का फैसला किया है। जो निश्चित रूप से राज्य में नए उद्यमियों को फायदा पहुंचेगा। हेमंत सरकार 10 वर्ष की एकमुश्त फैक्ट्री लाइसेंस की प्रक्रिया को खत्म कर अब न्यूनतम 1 वर्ष और अधिकतम 15 वर्षों तक के लिए एकमुश्त लाइसेंस, उद्यमियों को प्रदान करेगी। साथ ही लाइसेंस के लिए ज्यादा दौड़-भाग के पचड़े से निजात दिलाने के दिशा में काम कर रही है। 

उद्योगों की समीक्षा करने के लिए इंडस्ट्री प्रोमोशन टीम का गठन करेगी हेमंत सरकार 

उद्योग विभाग की समीक्षा कर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि राज्य में ऐसे उद्योगों की स्थापना की जाए जिससे अधिक रोज़गार का सृजन हो। साथ ही राजस्व की भी प्राप्ति हो सके। उन्होंने नई-नई इन्नोवेटिव चीजों को बढ़ावा देने की बात की है। मुख्यमंत्री ने इंडस्ट्री प्रोमोशन टीम के गठन करने का निर्देश दिया, जो देश दुनिया में उद्योगों के क्षेत्र में हो रहे नए-नए कार्यों की समीक्षा कर राज्य में उद्यमियों को आकर्षित करने का काम करेंगे। 

फूड प्रोसेसिंग, लघु व कुटीर उद्योग व कुम्हारों एवं शिल्पकारों के उत्पाद के लिए पहल 

राज्य में, नए कल्चर के मद्देनजर, उद्योगों की स्थापना के लिए हेमंत सोरेन ने फूड प्रोसेसिंग, लघु व कुटीर उद्योग व कुम्हारों एवं शिल्पकारों के उत्पाद के लिए आधुनिक दृष्टिकोण के साथ काम करने की बात कही। उन्होंने सिर्फ टमाटर से केचप और हरी मिर्च से चिली सॉस के प्रोसेसिंग के अलावा ऐसी फसलों को बढ़ावा देने की बात की, जिसका फूड प्रोसेसिंग किया जा सकता हो।

श्री सोरेन ने राज्य में लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने की बात की, ताकि इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आ सके। लोगों के बनाए उत्पादों को एक बाजार मिले, इस दिशा में भी काम करे का निर्देश उन्होंने दिया। साथ ही कुम्हारों व शिल्पकारों के बनाए उत्पादों को बेहरतीन बाजार मिले, इसके लिए हेमंत सोरेन ने बोर्ड को काम करने का निर्देश दिया है। 

साइकिल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट आगे लाने के लिए हर सुविधा मुहैया कराने का निर्देश 

मुख्यमंत्री ने राज्य में जल्द से जल्द साइकिल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करने की बात कही। इस दिशा में जो भी उद्यमी झारखंड में उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से सभी तरह की सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है।

गारंटी अधिनियम के तहत शामिल हुई सेवाएं 

बीते दिनों उद्योग विभाग अंतर्गत “निवेशकों के जिज्ञासा और पूछताछ का निष्पादन सेवा” को सेवा देने की गारंटी अधिनियम के तहत शामिल किया गया है। इसके लिए सरकार में कुछ ऑथरिटी की भी नियुक्ति की गयी है। इसमें उप निदेशक (निवेश प्रोत्साहन) को निर्दिष्ट पदाधिकारी, सिंगल विंडो सिस्टम के महाप्रबंधन को प्रथम अपीलीय प्राधिकार और उद्योग सह सिंगल विंडो सिस्टम के निदेशक को द्वितीय अपीलीय प्राधिकार बनाया गया है। इस सेवा को गांरटी अधिनियम में शामिल करने से व्यापारियों को उनके समस्याओं के त्वरित हल की दिशा में काफी मदद मिलेगी।

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