लाह खेती

झारखंड का गौरव लाह खेती को मिलेगा कृषि का दर्जा, न्यूनतम समर्थन मूल्य भी होगा तय

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एलान लाह खेती (लाख) को मिलेगा कृषि का दर्जा, न्यूनतम समर्थन मूल्य भी होगा तय, झारखंड का लिखेगा नयी तकदीर

पिछली सत्ता के अनचाहे भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के अक्स में झारखंड की लाह खेती भष्म हो जाए। जो संयुक्त बिहार-बंगाल के दौर से लाह खेती के लिहाज से न केवल उर्वर, अग्रीन भी हो। उसे बाजार के नाम पर बिचौलिया मिले। संसाधन के बावजूद गरीब किसान को खेती छोड़ पलायन करना पड़े। ऐसे में हेमंत सरकार में यदि लाह खेती को कृषि का दर्जा देने के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य तक तय करने की कावाद दिखे। तो उस भाजपा सत्ता के लिए महत्वपूर्ण सवाल हो सकता है कि किसानों के हक में है कौन? 

मौजूदा दौर में, देश के किसान के सामने किसानी के मद्देनज़र जो सच उभरा है। उसके दायरे में किसान किसानी छोड़ मजदूर बन सकता है या फिर संघर्ष के बावजूद कर्जदार बन गले में खुदकुशी का फंदा डाल सकता है। उन तमाम परिस्थितियों में कोई मुख्यमंत्री साहस झारखंड में लाह की खेती को फिर से जीवित करे। तो निश्चित रूप से नयी बदली परिस्थिति, लाह किसानों के जीवन यापन के मातहत वरदान से कम नहीं हो सकता। और जाहिरा तौर इस क्षेत्र के किसान को स्वावलंबी और आत्मनिर्भरता के राह दिखा सकता है। 

500 नए गोदाम और 224 फूड प्रोसेसिंग यूनिट झारखंड में कृषि को देगा नया जीवन 

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जोर जुबानी तीर से इतर जब झारखंड की कृषि और कृषि उत्पादों के संरक्षण देने का सच धरातल पर बुनियादी ढाँचे के तौर पर दिखे। जहाँ सरकार का कवायद 500 नए गोदाम और 224 फूड प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण के तौर पर उभरे। तो झारखंड ताल ठोक सकता है कि देर से ही सही लेकिन उसकी नयी राह की दिशा उस मंजिल तक जरुर जाती है। जिसके अक्स में झारखंड अपनी नयी पहचान गढ़ेगा।    

मसलन, पहले वर्ष के कार्यकाल में हेमंत सोरेन की समझ उस सत्य को समझने लगा है, जहाँ किसान देश की रीढ़ हैं। और शुरुआती दौर से ही किसानों की समस्याओं के मद्देनज़र राज्य सरकार चिंतित हो। और इस दिशा में आमदनी को बढ़ाने की कार्य योजना धरातल उतारने की सरकारी जद्दोजहद दिखे। तो न केवल झारखंड को विकासित राज्य का दर्जा दिलाएगा। सरकार के ग्राफ को भी नयी ऊँचाइयों पर पहुँचाएगा। क्योंकि, अन्नदात खुश तो भगवान खुश और भगवान खुश तो आशीर्वाद तो मिलेगा ही…

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