झारखण्ड : खेती के समाधान में जोहार एग्री मार्ट वन स्टॉप केंद्र एक क्रांतिकारी पहल के रूप में उभरा 

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झारखण्ड में 25 जोहार एग्री मार्ट कर रहा है खेती से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान. अबतक 35000 से अधिक किसानों को मिले समाधान और 12 करोड़ किया है कारोबार. उत्पादक समूह से महिला किसानों में जगा आत्मविश्वास.

रांची : झारखण्ड देश का एक प्राकृतिक पूजक एवं वन में बसने वाला राज्य है. खनिज सम्पदा बाहुल्य राज्य होने के बावजूद यहाँ के आदिवासी-मूलवासी ने कभी प्रकृति का दोहन नहीं किया. यहां के जल-जंगल ज़मीन से, सूखे पत्ते-टहनियां, वनोत्पाद के रूप में केवल उतना भर ही लिया है जिसमे उसकी जीवका चल जाए. मसलन, यहाँ के मूल निवासी मूलतः खेती पर ही निर्भर रहे है. और राज्य में जल-जंगल-ज़मीन, संस्कृति व सम्पदा दोहन-विस्थापन का दोषी मुख्यतः बाहरी मानसकिता की लालच, केन्द्रीय सत्ताओं की नीतियां व विभीषण की भूमिका में रहे कुछ मौकापरस्त लोग ही रहे है. 

21 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद राज्य की सत्ता में हेमन्त सरकार के रूप में झारखंडी मानसिकता का आगमन हुआ है. जिससे राज्य के सरकारी काम-काज व नीतियों में झारखंडी संस्कृति की झलक दिखना प्रारम्भ हुआ है. ज्ञात हो, हेमन्त सरकार में प्राथमिकता के साथ खेती-किसानी पर विशेष जोर दिया गया है. इसी कड़ी में सरकार के कई प्रयासों में एक, राज्य में जोहार परियोजना अंतर्गत किसानों को उन्नत खेती से जुड़ी सुविधायें एक छत के नीचे उपलब्ध कराने का प्रयास जोहार एग्री मार्ट के माध्यम हुआ है. जो एक क्रांतिकारी समाधान के रूप में सामने आया है.

खेती-किसानी के क्षेत्र में जोहार एग्री-मार्ट एक छत के नीचे उपलब्ध करा रहा है समाधान 

राज्य के 11 जिलों में संचालित कुल 25 जोहार एग्री मार्ट के तहत महिला किसानों को खेती से जुड़ी सामाग्री, उपकरण और अन्य तकनीकी समाधान उपलब्ध हो रहे हैं. इस केंद्र में उत्पादक समूहों से जुड़े किसानों के अलावा आम किसानों को भी सस्ते दर में खेती से जुड़ी सामग्री एवं सेवाएं उपलब्ध हो रही है. इस क्रांतिकारी पहल से न सिर्फ किसानों को एक छत के नीचे सस्ते दर में खेती से जुड़ी सामाग्री उपलब्ध हो रहे है, उच्च गुणवत्ता के खाद, बीज, कीटनाशक भी उपलब्ध हो रहे है. साथ ही मिट्टी की जांच, मौसम की जानकारी, कृषि यंत्र जैसे सुविधायें भी उपलब्ध हुए है.

झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी अंतर्गत जोहार परियोजना जोहार एग्री-मार्ट के माध्यम से राज्य में कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है. यह मार्ट न केवल खेती से जुड़े सामान सस्ते दर पर उपलध करा रहा है, किसानों को उन्नत खेती हेतु बेहतर तकनीक एवं सुझाव भी मुहैया करा रहा है. साथ ही किसानों को लोकल बाज़ार में ही 10% कम दाम पर उच्च गुणवत्ता के खाद, बीज, कीटनाशक, DAP यूरिया, आदि भी उपलब्ध करा रहा है. जोहार एग्री-मार्ट वन स्टॉप सेंटर राज्य में किसानी के भविष्य में वरदान साबित हो रहा है.

एग्री-मार्ट अब तक करीब 12 करोड़ कर चुका है कारोबार

जोहार ऐग्री मार्ट के तहत उत्पादक समूहों से जुड़े किसानों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से तकनीकी सलाहकारों से जोड़ा गया है. जहाँ किसान रोज़ाना सुबह 10:30 से शाम के 5 बजे तक सलाहकार को खेती में आ रही दिक्कत बता सकते हैं. जोहार एग्री मार्ट के व्हाट्सएप ग्रुप में स्थानीय आजीविका कृषक मित्रों (AKM) व किसानों को ज़रुरी सुझाव, समाधान एवं समस्याओं के हल साझा किये जाते हैं. ज्ञात हो, राज्य में अबतक 35,000 से अधिक किसानों को तकनीकी सेवाएं उपलब्ध हुई है. नतीजतन, विभिन्न सेवाओं एवं सामग्री बिक्री के जरिए इस एग्री-मार्ट ने करीब 12 करोड़ का कारोबार किया है. जिससे झारखण्ड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने नयी राह पकड़ी है.

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