हेमन्त सरकार में खेलों के प्रोत्साहन -निकट भविष्य में खेल-शक्ति बन ऊभरेगा झारखंड

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp
निकट भविष्य में खेल-शक्ति बन ऊभरेगा झारखंड

हेमन्त सरकार में नई खेल नीति का मसौदा राज्य में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन देता है -निकट भविष्य में निश्चित रूप से खेल-शक्ति बन कर ऊभरेगा झारखण्ड

झारखण्ड : हेमन्त सरकार राज्य को खेल क्षेत्र में एक बड़ा हब बनाने की दिशा में बढ़ रही है. झारखण्ड खेलों को बढ़ावा मिले, इस दिशा में इससे पहले किसी सरकार में इतनी इच्छाशक्ति नहीं दिखी. जितनी हेमन्त सरकार में दिखती है. राज्य को बहुत जल्द नई खेल नीति मिलने जा रही है. जिसके लागू होने से राज्य में खेल का परिदृश्य बदलेगा और निकट भविष्य में झारखण्ड खेल-शक्ति बन कर ऊभरेगा. नई खेल नीति का मसौदा राज्य में खेल संस्कृति को विकसित करने का माद्दा रखता है. ज्ञात हो झारखंड राज्य अपनी खेल प्रतिभा के लिए विश्व भर में जाना जाता है. 

इस प्रदेश में पहले ओलिंपिक हॉकी खिलाड़ी मारंङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा से लेकर सिलवानुस डुंगडुंग, सावित्री पूर्ति, असुंता केरकेट्टा, विमल लकड़ा जैसे नामचीन खिलाड़ियों की एक लंबी फेहरिस्त रही है. इसी विरासत को वर्तमान में सलीमा टेटे, निक्की प्रधान जैसे नाम मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं. तीरंदाजी में दीपिका कुमारी देश भर के नये तीरंदाजों के लिए प्रेरणास्रोत बन कर उभरी है. अब  हेमन्त सरकार द्वारा हाथ बढाने से निश्चित रूप से भविष्य में झारखंड की और खेल प्रतिभाओं की चमक पूरे देश-दुनियां में अपनी रौशनी बिखेरेगी. 

जमशेदपुर में महिला फुटबॉलरों का प्रशिक्षण शिविर किया गया है आयोजित 

इस संदर्भ में बताना जरूरी है कि जमशेदपुर में महिला फुटबॉलरों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. पूरे देश की करीब 30 महिला फुटबॉलर इसमें हिस्सा ले रही हैं. इन्हीं फुटबॉलरों में से एएफसी महिला कप और अंडर-17 महिला विश्वकप जैसी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा. इनमें झारखंड की ऊभरती महिला फुटबॉल खिलाड़ी भी शामिल है. इस प्रशिक्षण शिविर से झारखंड की महिला फुटबॉलरों को देश के अन्य राज्यों के खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण से एक अच्छा एक्सपोजर मिलेगा.

गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण शिविर के झारखंड में आयोजित होने के पीछे राज्य सरकार की पहल व उसकी इच्छाशक्ति रही है. सरकार महिला फुटबॉल को राज्य में बढावा देने के लिए भी काम कर रही है. निकट भविष्य में हम राज्य की महिला फुटबॉलरों को भी प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में हिस्सा लेते और नाम कमाते देखेंगे.

सरकार की खेल योजना में प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण व जरूरी सुविधाओं से जोड़ना शामिल 

बहारहाल, सरकार की खेल योजना में प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण व जरूरी सुविधाओं से जोड़ना भी शामिल है. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदान तेज गति से तैयार हो रहे हैं. खेल संघों के साथ खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की योजना है. राज्य में खेलों के विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. साथ ही राज्य भर में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए भी काम किया जा रहा है. जो निश्चित रूप से झारखण्ड को खेल-शक्ति के रूप पहचान देगा.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.