कपड़ा उद्योग का आधार

हेमंत राज में महिलाएं होंगी कपड़ा उद्योग का आधार, रोज़गार के अवसर अपने लक्ष्य से आगे

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

हेमंत सरकार में महिलायें बनेगी कपड़ा उद्योग का आधार – रोज़गार लक्ष्य था 8000 लेकिन 12000 को देने कि दिशा में बढ़ी सरकार 

राँची। 70 रुपये का बेसन। 80 रुपये का आलू प्याज। 145 रुपये का सरसों तेल। 200 रुपये का गैस। या 80 रुपये का कैरोसिन तेल। और सड़क के किसी मुहाने पर ठेला लगाने के लिए कमीशन। कुल 500-600 लगा कर पकौड़ा तलते हुये दिन भर में महज 100 से 200 रुपये की कमाई जैसे रोज़गार के सच के बीच। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड, जो त्रासदी के दौर में साहस से कहे। झारखंडी महिलायें कपड़ा उद्योग का आधार महिलायें बनेगी। और उनकी सरकार अपने रोज़गार लक्ष्य 8000 से 12000 के तरफ बढ़े। तो क्या नहीं कहा जा सकता कि झारखंड अपने 21वें बरस में आन्दोलन के सपने को जी रहा है। 

जिस मुख्यमंत्री के 14 माह का कार्यकाल रोज़गार जैसे मुद्दे पर पर जोर दे। खनन के अलावा पर्यटन जैसे अन्य क्षेत्रों में रोज़गार सृजन के आयाम गढ़े। त्रासदी काल में मनरेगा जैसे योजना में लाखों रोज़गार सृजन कर भूखे पेट को अनाज दे। जिसकी मानवीय मंशा के अक्स में अडिगता के साथ कपड़ा उद्योगों से जुड़े हजारों लोगों को रोज़गार देने की चाह दिखे। जो कपड़ा उद्योगों के मद्देनज़र झारखंडी महिलाओं को आधार बना नीजि कंपनियों के साथ एमओयू करे। तो तमाम परिस्थियों को झारखंड में नए अलख के रूप में देखा जा सकता है। जो मानवता के पक्ष में नयी युवा सोच का परिचायक भी हो सकता है।   

मानव तस्करों से मुक्त करायी गयी महिलाओं को मिल चुका है रोज़गार, अब 12000 महिलाओं को रोज़गार के अवसर होंगे मुहैया 

ज्ञात हो, महिलाओं को रोज़गार देने के लिए राज्य सरकार ने नीजि कंपनियों के साथ एमओयू करने की शुरूआत बीते साल अक्टूबर माह ही कर दी थी। जहाँ शुरूआती प्रयोग में तमिलनाडु से मानव तस्करी से मुक्त कराई गई, राज्य की 22 लड़कियों को टेक्सटाइल्स उद्योग में रोज़गार दी गयी थी। राजधानी के ओरमांझी स्थित मेसर्स किशोर एक्सोर्ट्स, के साथ समझौता कर सरकार ने लड़कियों को नियुक्ति पत्र सौंपा था। इस कड़ी में सरकार अब आगे बद्ठे हुए 12,000 महिलाओं को कोयंबटूर की केपीआर मिल्स लिमिटेड में रोज़गार देने को अपने कदम बढ़ा चुकी है। श्रम विभाग और केपीआर मिल्स प्रबंधन के बीच आगामी 22 फरवरी के बीच एमओयू हास्ताक्षर होंगे। 

एमओयू में क्या है ?

इस एमओयू की खासियत यह है कि इसमें साफ़ तौर पर महिलाओं को वेतन, आवास व भोजन की सुविधा का साफ़ जिक्र है। श्रम कानून का अनुपालन करना भी सुनिश्चित किया गया है। महिला कर्मियों को दुर्घटना बीमा से लेकर चिकित्सा सुविधा तक उपलब्ध कराने का जिक्र एमओयू में है। 

लक्ष्य था 8000 महिलाओं को रोजगार देने का, देगी 12,000 महिलाओं को 

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री ने बीते साल अक्टूबर माह में कहा था कि झारखंड में कपड़ा उद्योग में व्यापक संभावनाएं है। क्योंकि, राज्य के करीब 1 लाख मज़दूरों को कपड़ा उद्योग क्षेत्र में काम करने का अनुभव है। हम कामयाब होते हैं तो लगभग 2 लाख लोगों को इस क्षेत्र में रोज़गार मिल सकेगा। सरकार राज्य में कपड़ा उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को हर संभव मदद देने को तैयार है। यहां के युवक-युवतियों को रोज़गार देने वाली कंपनियों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। मसलन, सरकार इस सेक्टर में अपने 8,000 रोज़गार लक्ष्य से आगे बढ़ 12,000 महिलाओं को रोज़गार देने पर कार्य कर रही है।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts