गुमनाम जिंदगी जी रहे दिव्यांग व पूर्व सैन्यकर्मी

गुमनाम जिंदगी जी रहे दिव्यांग व पूर्व सैन्यकर्मी को सम्मान देकर मुख्यमंत्री ने दर्शाया कि राज्य में कोई नहीं अछूता

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  • दुमका राजभवन में एक आम झारखंडी की तरह लोगों से मिले हेमंत सोरेन
  • जन समस्या समाधान की दिशा में अधिकारियों को ऑन द स्पॉट निर्देश दिए  
  • हेमंत सरकार पूर्व सैन्य नायक को किया सम्मानित
  • एक दिव्यांग को सम्मान देकर राज्य को प्रोत्साहित कर गये हेमंत 

गुमनाम जिंदगी जी रहे दिव्यांग व पूर्व सैन्यकर्मी को सम्मान देने के साथ सीएम का सख्त निर्देश, “समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिखानी होगी संवेदनशीलता, नहीं तो होगी कार्रवाई 

रांची। राज्य में अभी भी ऐसे कई लोग हैं, जो गुमनाम जिंदगी जीने को विवश हैं, जिनकी सुद किसी सरकार मे नहीं लिया गया। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें सम्मान व वाजिब हक देने पहल हेमंत सरकार में हो रही है। ऐसा कोई भी व्यक्ति अछूता न रहे इसके लिए मुख्यमंत्री व्यक्तिगत तौर पर संज्ञान लेते हुए सम्मान देने की पहल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या को इसका संकेत दे दिया है। जहाँ एक दिव्यांग और पूर्व सैन्यकर्मी को सम्मान दे कर हेमन्त सोरेन ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

ज्ञात हो इस गणतंत्र दिवस के मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री जनता की समस्या से रू-ब-रू होने के लिए राज्य के दौरे पर रहे। इस दौरान दुमका राजभवन में उन्होंने विभिन्न संघों और जनता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे और परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने तमाम मामलों को संज्ञान लेते हुए ऑन द स्पॉट ही अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिए। और मुख्यमंत्री बल देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए सरकार व तंत्र का यथासंभव प्रयास होना चाहिए कि  लोगों से मिलकर उनकी परेशानियों को दूर किया जाए।

पूर्व सैन्य नायक को नहीं मिला था सम्मान, हेमंत सरकार देगी 23,250 रुपए 

गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या को हेमंत सोरेन ने सेना मेडल से सम्मानित पूर्व नायक लारा उरांव को 3,000 रुपए/जमीन के बदले 20,000 रुपए एवं वार्षिक एन्युटि 250 रुपए यानी कुल 23,250 रुपए देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (राज्य सैनिक कल्याण निदेशालय) के प्रस्ताव को अनुमोदन कर दिया। ज्ञात हो कि राजधानी के अरगोड़ा निवासी लारा उरांव एक्स-पूर्व नायक हैं। 20 जनवरी 2010 को उन्हें ‘सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया था। लेकिन उक्त पूर्व सैनिक को उपरोक्त विषय से संबंधित सम्मान राशि का भुगतान नहीं किया जा सका था। हेमंत सोरेन ने जानकारी लेते हुए प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी। 

एक दिव्यांग को सम्मान देकर राज्य को प्रोत्साहित कर गये हेमंत 

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने दुमका प्रखंड के केंद्र पहाड़ी गांव निवासी दिव्यांग जोसेफ हांसदा से मुलाकात की। उन्होंने दिव्यांग को व्हीलचेयर दिया व उनके परिजनों को भी कंबल और गर्म वस्त्र प्रदान किया। साथ ही निशक्तता पेंशन का लाभ देने और उनके बच्चों का विद्यालय में नामांकन समेत पठन-पाठन हेतु जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यशैली से दिव्यांगों को संदेश दिया कि वे अपने दिव्यांगता को कमजोरी न समझते हुए अपनी शक्ति बनाएं। 

जनता की समस्याओं को सुनने का निर्देश, लापरवाही बरतने पर नियमानुकूल कार्रवाई की कही गयी बात 

राजभवन पहुंचे फरियादियों से मिलने के बाद अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने लोगों को मदद पहुंचाने की हिदायत फिर एक बार दी। लोगों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को संवेदनशीलता दिखानी होगी। जनता की जायज समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के अनुसार अधिकारियों को करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि बेवजह किसी मामले को लटकाने का मामला सामने आया तो, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी। 

अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री से मिल ज्ञापन सौंपने वाले फरियादियों में झारखंड प्रदेश जल सहिया संघ, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संघ,  वायफ़ कर्मचारी संघ सहित नौकरी, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, जमीन से जुड़े मामले, राशन कार्ड, इलाज के लिए सरकारी सहायता आदि के लिए भी कई लोगों ने भी आवेदन सौंपा।

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