विश्‍व बालश्रम निषेध दिवस भारत में केवल मजाक! ही तो है

विश्‍व बालश्रम निषेध दिवस

विश्‍व बालश्रम निषेध दिवस केवल एक छलावा  मुनाफ़े की राह पड़ने वाली तमाम बाधाओं को हटाये जाने की प्रतीक्षा करते पूँजीपतियों को तोहफ़ा में बालश्रम संशोधन विधेयक पिछले कार्यकाल में पेश किया था, जिसे श्रममंत्री ने मंजूरी भी दे दी थी। इस विधेयक के अनुसार 14 साल से कम उम्र के बच्चे किसी संगठित क्षेत्र … Read more

बेरोज़गार युवा ने झारखंड में एक बार फिर हताश हो जिंदगी हारी

बेरोज़गार युवा

रघुबर दास के मुख्यमंत्री बनने के बाद से झारखंड में बेरोज़गारी तेजी से बढ़ी है। शरीर और मन से दुरुस्त लाखों पढ़े-लिखे युवा जो डीग्री से भी लैस हैं, बेरोज़गार हैं। उन्हें काम के अवसर से वंचित कर दिया गया है। जिसके वजह से ये बेरोज़गार युवा मरने, भीख माँगने या अपराधी बन जाने के … Read more

बच्ची ट्विंकल की निर्मम हत्या पर देश में फिर एक बार उबाल

बच्ची

समाज में इन दिनों बच्ची व स्त्रियों पर अत्याचार तेजी से बढ़े हैं। बलात्कार, क़त्ल, छेड़छाड़, मारपीट, अगवा, आदि के कारण पूरे देश का मंजर खौफ़नाक हो चुके हैं। स्त्री विरोधी मर्द मानसिकता हर क़दम पर स्त्रियों को शिकार बना रही है। विशेष तौर पर सियासी सरपरस्ती में पलने वाले स्त्रियों को अपनी हवस का … Read more

2030 तक 12 मिलियन महिलाओं को नौकरी गवानी पड़ सकती है

महिलाओं कि स्थिति

हमारे देश में काम करने वाली महिलाओं की हालत तो नर्क से भी बदतर है। इनकी दिहाड़ी पुरुष मज़दूरों से भी कम होती है, जबकि सच्चाई यह है कि सबसे कठिन व महीन काम इन्हीं से कराये जाते हैं। बानगी यह है कि सारे कानून बस किताबों में धरे के धरे रह जाते हैं और … Read more

मीडिया अब कहने लगी है कि गो तस्करों को पुलिस का शह! 

मीडिया

मीडिया अब कहने लगी है कि गो तस्करों को पुलिस का शह  प्राप्त है  अख्लाक, फिर अबू हनिफ़ा, फिर आर. सूरज, फिर अलीमुदीन अंसारी, जुनैद, पहलू ख़ान से लेकर न जाने कितने और! 2017 के साल के पहले 6 महीने में क़रीब 20 गौरक्षा से सम्बन्धित हमलों की रिपोर्टें सामने आयी, जो 2016 के साल … Read more

शिक्षा नीति का लिफाफा है तो चमकदार लेकिन अन्दर वही पुराना माल    

नयी शिक्षा नीति

शिक्षा नीति का बर्तन तो नया है, लेकिन अन्दर कड़वा काढ़ा देश में साहेब के सरकार आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के अंतर्गत जिस तरह की बातें हुई, उस माहौल में यदि कोई गीता का “यथा संहरते चायम” (2/58) का यह हवाला देकर कहे कि भगवान कृष्ण चाय पीते थे तो कोई ताज्जुब … Read more