शिक्षा नीति का लिफाफा है तो चमकदार लेकिन अन्दर वही पुराना माल    

नयी शिक्षा नीति

शिक्षा नीति का बर्तन तो नया है, लेकिन अन्दर कड़वा काढ़ा देश में साहेब के सरकार आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के अंतर्गत जिस तरह की बातें हुई, उस माहौल में यदि कोई गीता का “यथा संहरते चायम” (2/58) का यह हवाला देकर कहे कि भगवान कृष्ण चाय पीते थे तो कोई ताज्जुब … Read more