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एजुकेशन या शिक्षा है सबका अधिकार, बन्द करो इसका व्यापार

एजुकेशन

समान व मुफ्त शिक्षा/ एजुकेशन के अधिकार का सिमटता दायरा सत्ता जनादेश की जिस ताकत के साथ हायर एजुकेशन पर तानाशाही शिकंजा कस रही है, समान व मुफ्त शिक्षा/एजुकेशन के अधिकार का दायरा सिमट रही है, निस्संदेह देश के भविष्य के साख पर ख़तरा है। नौकरी ना देने पाने के …

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फासीवादियों के फरमान पर झारखंड सरकार ने 14 हज़ार स्कूल बंद किये  

फासीवादियों के आदेश पर

फासीवादियों के एजेंडे में शिक्षा व संस्कृति में छेड़-छाड़ हमेशा ही ऊपर होता है। इस तथ्य को सीधे इस प्रकार समझ सकते हैं, कम पढ़ी-लिखी स्मृति ईरानी जैसी टीवी ऐक्ट्रेस को मानव संसाधन मंत्रालय में इसीलिए बैठाया जाता है ताकि संघ परिवार अपनी मनमानी बेरोकटोक चला सके। नतीजतन एक तरफ …

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एससी/एसटी व गरीब बच्चों को मिली स्वतंत्रता दिवस के पूर्व शिक्षा से आज़ादी मिली 

एससी/एसटी छात्रों की सीबीएसई ने 24 गुना शूल बढ़ायी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अनुसूचित जाति (एसी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) छात्रों के लिए 10वीं व 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना बढ़ोतरी कर इन समाज के लोगों को यह संदेश दे दिया है कि भूल जाएँ गुणवत्ता वाली शिक्षा। अब एससी/एसटी तबके के छात्रों …

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शिक्षा के क्षेत्र में मौजूदा सरकार की तुलना में हेमंत सरकार कहीं ज्यादा बेहतर 

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था

अगर आज झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत यहाँ के सरकारी स्कूलों की स्थिति को परखें तो हम पाते हैं कि इसे व्यवस्थित तरीक़े से ख़त्म करने का काम मौजूदा सरकार द्वारा किया जा रहा है। आज इस राज्य में सरकारी स्कूलों के हालात अच्छे नहीं हैं। वैसे तो देश …

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शिक्षा-स्वास्थ्य को ले कर मुख्यमंत्री जी का बयान केवल भ्रम! है

शिक्षा-स्वास्थ्य

स्कूल को बच्चों के ज्ञान का स्त्रोत कहा जाय तो कुछ ग़लत नहीं होगा, क्योंकि बच्चे को सही अक्षर ज्ञान तो स्कूल जाने के बाद ही होता है। स्कूल वही स्थान है, जहाँ बच्चों में सामूहिकता की भावना के अतिरिक्त कला व श्रम संस्कृति का बोध होता है। स्कूल केवल …

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शिक्षा नीति का लिफाफा है तो चमकदार लेकिन अन्दर वही पुराना माल    

नयी शिक्षा नीति

शिक्षा नीति का बर्तन तो नया है, लेकिन अन्दर कड़वा काढ़ा देश में साहेब के सरकार आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के अंतर्गत जिस तरह की बातें हुई, उस माहौल में यदि कोई गीता का “यथा संहरते चायम” (2/58) का यह हवाला देकर कहे कि भगवान कृष्ण चाय …

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सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी

सरकारी स्कूलों की स्थिति

सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर आखिर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी भाजपा के रघुबर सरकार को  वैसे तो बच्चों की पहली पाठशाला उसका परिवार और समाज होता है। लेकिन स्कूल की अपनी ही एक महत्ता है। यह ऐसा स्थान होता है, जहाँ बच्चों में सामूहिकता की भावना …

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