मासूम बच्ची के साथ जमशेदपुर में फिर हुआ दुष्कर्म व हत्या 

मासूम बच्ची

झारखंड के किसी न किसी जिले में रोज महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना अखबारों की सुर्खियाँ बनती है। सरकार ऐसी घटनाओं पर अब तक आँखें मूंदी रखी है और प्रशासन किसी रूप में भी रोक पाने में समर्थ नहीं दिख रहा। झारखंड की लौह नगरी जमशेदपुर को फिर मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय … Read more

यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस या सफेदपोश का नाम आने से जांच क्यों हो जाती है धीमी 

महिला यौन उत्पीड़न

झारखण्ड के जमशेदपुर में जनवरी 2019 से जुलाई तक के महिला यौन उत्पीड़न के आंकड़े बताते हैं कि, इस जिले में हर पांचवें दिन एक नाबालिग को हवस का शिकार बनाया जाता है। इस वर्ष महज 181 दिनों के अंतराल में 32 नाबालिग बेटियों को दरिंदों ने अपना शिकार बनाया। कोर्ट में यह सारे मामले … Read more

बेटी बहु व बच्ची कोई भी आज झारखंड में सुरक्षित नहीं!

बहु बेटी व बच्ची कोई सुरक्षित नहीं

बेटी बहु व बच्ची क्यों सुरक्षित नहीं हैं झारखंड राज्य में ? जागो मृतात्माओ ! बर्बर कभी भी तुम्हारे दरवाज़े पर दस्तक दे सकते हैं। भागकर अपने घर पहुँचो और देखो तुम्हारी बेटी कॉलेज से लौट तो आयी है सलामत, बीवी घर में महफूज़ तो है। बहन के घर फ़ोन लगाकर उसकी भी खोज-ख़बर ले … Read more

आधी आबादी पर अत्याचार क्यों नहीं रुक रही है झारखंड में ?

आधी आबादी

झारखंड में मौजूदा सरकार के शासन में आये दिन आधी आबादी पर अत्याचार बढ़ते ही जा रहे हैं। जिसके साक्षी अखबार व टी.वी चैनलों रोज बन रहे हैं। इस राज्य की महिलायें कभी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है, कभी कोई मासूम दहेज़ के लिए बलि चढ़ रही  है। कभी लड़कियों के साथ गैंग … Read more

बेरोज़गारी के आलम में भाई अपनी बहन का रक्षा तक न कर पाया!

बेरोजगारी के आलम में बहन के साथ हुआ दुष्कर्म

बेरोज़गारी के आलम के एक भाई अपनी बहन के लाज व जान न बचा सका  झारखंड में बेटियों के साथ हो रहे दुर्दशा के मामले में रघुबर सरकार के शासन-प्रशासन के पाप का घड़ा पूरी तरह भर चुका है। शायद ही झारखंड में कोई दिन ऐसा गुजरता हो जिस दिन यहाँ के बेटियों की अस्मिता … Read more

महिला पुलिस कर्मी भी अब सुरक्षित नहीं झारखंड में!

महिला पुलिस कर्मी

अब तक समाज में स्त्रियों पर जो अत्याचार हो रहे थे उससे ही उबर पाने में हम असमर्थ थे। बलात्कार, क़त्ल, छेड़छाड़, मारपीट, तेज़ाब फेंकने, अगवा, आदि के कारण पहले ही ख़ौफ़नाक हालात पैदा हो चुके हैं। स्त्री विरोधी वहशी मर्द मानसिकता हर क़दम स्त्रियों को शिकार बना रही थी। एक आस थी कि देर … Read more