बेटी बहु व बच्ची कोई भी आज झारखंड में सुरक्षित नहीं!

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बहु बेटी व बच्ची कोई सुरक्षित नहीं

बेटी बहु व बच्ची क्यों सुरक्षित नहीं हैं झारखंड राज्य में ?

जागो मृतात्माओ !

बर्बर कभी भी तुम्हारे दरवाज़े पर दस्तक दे सकते हैं।

भागकर अपने घर पहुँचो और देखो

तुम्हारी बेटी कॉलेज से लौट तो आयी है सलामत,

बीवी घर में महफूज़ तो है।

बहन के घर फ़ोन लगाकर उसकी भी खोज-ख़बर ले लो!

कहीं कोई औरत कम तो नहीं हो गयी है

तुम्हारे घर और कुनबे की ?

इन दिनों झारखंड के हालत ऐसे है कि बाघमारा थाना क्षेत्र के डुमरा दिवानटोला में 4 जुलाई को एक और बच्ची भूखे भेड़िये की शिकार बन गयी। कोई दिन नहीं होता जब किसी-ना-किसी के आसपास कोई बेटी बहु व बच्ची इस हैवानियत का शिकार नहीं होती – छोटी बच्चियों से लेकर उम्रदराज़ औरतें तक यहाँ सुरक्षित नहीं हैं छुट्टा घूमते इन जानवरों से। देश में हर 2 मिनट पर किसी स्त्री के साथ बलात्कार होता है! तो केवल झारखंड में हर दो दिन में एक घटना। सरकार और प्रशासन में बैठे लोग अंधे-बहरे ही नहीं अपराधों पर पर्दा डालने में भागीदार बन चुके हैं। आप कब तक यह सोचकर निश्चिंत रहेंगे कि आग की आँच अभी आपके आसपास नहीं पहुँची है? चुप बैठे रहेंगे तो बर्बर मर्दवाद को खुला प्रोत्साहन इसी तरह जारी रहेगा और क़ानून-व्यवस्था इसी तरह दबंगों के हाथों गिरवी रहेगी।

बाघमारा थाना के डुमरा दिवानटोला में हैवानियत के हाथों इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हुई बर्बरता की हद यह थी कि एक माँ के साथ सोती उसकी आठ साल की बच्ची को हैवान उठा ले गए और बलात्कार किया। बच्ची घरवालों को बेहोशी के हालत में मिलीडॉक्टर ने भी अपने बयान में कहा है कि बच्ची के साथ रेप हुआ है बच्ची काफी डरी हुई है और बार-बार रोते हुए अपनी मां और दादी से यह कहती रही कि “माई राती फेर गोवर्धन चाचा उठाई के ले जितो” गाँव के महिलाओं का कहना है कि खुले में शौच व तालाब में नहाने के दौरान आरोपी उन्हें गंदी नजर से घूरता था। यह रिपोर्ट तो फिर भी सुदूर गाँव की है, लेकिन रांची राजधानी के लोकप्रिय इलाका लालपुर में सरेआम लड़कियों को अश्लील फोटो उनके मोबाइल पर भेजे जा रहे हैं फिर भी प्रशासन बहु -बेटियों के मामले में कान में तेल डाल कर सोयी हुई है

बहरहाल, बेटी बहु व बच्ची से बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोत्तरी के कई कारणों में एक यह भी है कि जिन सांसदों और विधायकों को कानून के निर्माण की जिम्मेदारी मिली है वे स्वयं औरतों के भक्षक के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्नाव की घटना स्पष्ट तौर पर इसकी सुबूत है। एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक राइट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 60 फीसदी से अधिक सांसद और विधायकों पर बलात्कार और अपहरण सहित महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों के संगीन आरोप हैं। ग़ौरतलब है कि इनमें सबसे अधिक संख्या ‘बेटी बचाओ…’ का स्वांग कर रही भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की है। इतिफाकन झारखंड में भी उन्हीं की सरकार है। 

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