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मासूम बच्ची

मासूम बच्ची के साथ जमशेदपुर में फिर हुआ दुष्कर्म व हत्या 

झारखंड के किसी न किसी जिले में रोज महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना अखबारों की सुर्खियाँ बनती है। सरकार ऐसी घटनाओं पर अब तक आँखें मूंदी रखी है और प्रशासन किसी रूप में भी रोक पाने में समर्थ नहीं दिख रहा। झारखंड की लौह नगरी जमशेदपुर को फिर मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय घटना ने शर्मसार किया है टाटा नगर स्टेशन से ग़ायब तीन साल की बच्ची की हत्या दुष्कर्म के बाद कर दी गयीग़ायब बच्ची की सिर कटी नग्न लाश पांचवें दिन रामधीन बगान से बरामद की गयी

ज्ञात हो कि मां के बयान पर टाटा रेल थाना ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस इसे अपहरण का मामला मान इन्वेस्टीगेट कर रही थी, लेकिन खोज पाने में असमर्थ रही। माधीन बगान एरिया में स्थित तार कंपनी की बाउंड्रीवाल के समीप झाड़ी के अंदर से मासूम बच्ची का लाश मिलने के बाद बस्ती में सनसनी फैल गयी रेल पुलिस ने उस मासूम बच्चीबच्ची के शव को पोस्टमार्ट के लिए एमजीएम भेज दिया है हालांकि रेल पुलिस ने स्टेशन में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रामाधीन बगान के रिंकू साहू, फिर काशीडीह रोड नंबर एक के कैलाश कुमार को गिरफ्तार किया है 

बहरहाल, झारखंड में बलात्कार के मामले में पानी अब सर उपर चढ़ चुका है। और यह सिद्ध हो चुका है कि यह सरकार चुनावी गणित के अलावा कुछ और नहीं कर सकती। इसलिए हमें मिलकर तमाम स्त्री विरोधी अपराधों के ख़ि‍लाफ़ आवाज़ उठानी होगी। ऐसे अपराधों का जुझारू संगठन खड़े करके प्रतिरोध करना होगा। वह हर सार्वजनिक जगह; जो आधी आबादी से सुरक्षा का हवाला देकर छीनी जा रही है उसपर बार-बार और हर बार हक़ का मुक्का ठोकना होगा। एकजुटता और संघर्ष के बल पर हम सरकारों, व्यवस्था के ठेकेदारों को स्त्री विरोधी मामलों को संज्ञान में लेने, अपराधियों को कठोर सज़ा देने, उत्पीड़ितों को न्याय देने हेतु न सिर्फ़ विवश कर सकेंगे बल्कि इस संघर्ष की प्रक्रिया में हम व्यवस्था की कमजोरियों और सीमाओं को भी जानेंगे।

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