आधी आबादी पर अत्याचार क्यों नहीं रुक रही है झारखंड में ?

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आधी आबादी

झारखंड में मौजूदा सरकार के शासन में आये दिन आधी आबादी पर अत्याचार बढ़ते ही जा रहे हैं। जिसके साक्षी अखबार व टी.वी चैनलों रोज बन रहे हैं। इस राज्य की महिलायें कभी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है, कभी कोई मासूम दहेज़ के लिए बलि चढ़ रही  है। कभी लड़कियों के साथ गैंग रेप जैसी वीभत्स घटना घट रही है। कभी लड़कियों को अपहरण कर बलात्कार किये जा रहे हैं, तो कभी डायन के आरोप में प्रताड़ित हो रही है। जब आवाज़ उठायी जाती है तो सारी दलीलें बस लड़कियों के पहनावे से लेकर भारतीय ‘संस्कृति और परंपरा’ का हवाला के बीच गौन कर दी जाती है, जिसके अनुसार आधी आबादी को केवल गृहिणी होना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, फिर सोनुआ, गुदड़ी थानाक्षेत्र के रोवाउली गांव के एक मां-बेटी (मालती देवी (50) व बेटी रायबती खंडाइत (25) ) की बलि डायन-बिसाही के आरोप में दे दी गयीबेटी के साथ दुष्कर्म की भी आशंका जतायी गयी है। राज्य में क़ानून व्यवस्था की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हत्या के बाद पूरा परिवार डर के साए में वनग्राम मजुनिया में छिपने को विवश है और महज 20 व 25 किलोमीटर में स्थित दो थाने होने के बावजूद 24 घंटे तक उनकी सूद तक न ली गयी सुभाष खंडाइत (मृतिका के पति) के अनुसार पहले मां को फिर उसकी बेटी का गला काट कर हत्या कर दी गयी 

दूसरी रिपोर्ट – रांची राज्य की राजधानी से सटे ओरमांझी में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ, आरोपी बच्ची का पड़ोसी है बताया जाता है कि 19 जून की सुबह आरोपी ने बच्ची को बड़हर खिलाने का प्रलोभन दे गांव से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया जब पीड़िता की मां ने आरोपी के माता-पिता को घटना की शिकायत की तो उहोने उल्टे उसी को जान से मारने की धमकी दे डाली पीड़िता की मां ने किसी तरह हिम्मत जुटा कर गांव की महिला समिति से संपर्क किया महिला समिति ने मुखिया व थाना प्रभारी को घटना की जानकारी दी। 

तीसरी रिपोर्ट झारखंड के बोकारो जिला के गोमिया की है, जहाँ एक युवती की हत्या चाकू मारकर दी गयी गोमिया थाना क्षेत्र के हरदियामो गांव के इस युवती की हत्या पेट और गर्दन पर चाकू से कई बार वार कर किया गया हैबताया जाता है कि किसी अज्ञात युवक ने उस युवती के घर में घुसकर, माता पिता के मौजूदगी में हमला किया। जब वे अपनी बेटी को बचाने आये, तो उस अज्ञात युवक ने उन पर भी चाकू से हमला कियापुत्री की हत्या और पिता को चाकू मारकर घायल करने के बाद बदमाश आसानी से भाग गया, अबतक कोई सुराग नहीं

बहरहाल, राज्य की सरकार स्त्री-विरोधी अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून व कुछ दोषियों को सज़ा दिलाने का तामझाम तो करती है, लेकिन इसकी सच्चाई तो धरातल पर केवल घिनौना मज़ाक के अतिरिक्त कुछ और नही है। ऐसी घटनाएँ रोज बढती ही जा रही है और सरकार केवल हाथ पर हाथ धरे बैठे और चुनावी जीत के रणनीति के अलावा कुछ और करती नहीं दिखती।

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