Welcome to Jharkhand Khabar   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Khabar
  TRENDING
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में क्या हुआ, 15 दिन में रिपोर्ट दें
पत्थलगढ़ी के दर्ज मामलों को वापस लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य को बिखरने से बचाया
दबे-कुचले, वंचितों के आवाज बनते हेमंत के प्रस्ताव को यदि केंद्र ने माना तो नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
टीआरपी घोटाला : लोकतंत्र का चौथे खम्भे मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोयी
सर्वधर्म समभाव नीति पर चल राज्य के मुखिया पेश कर रहे सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल
खाद्य सुरक्षा: आरोप लगा रहे बीजेपी नेता भूल चुके हैं – जरूरतमंदों को 6 माह तक खाद्यान्न देने की सबसे पहली मांग हेमंत ने ही की थी
कोरोना काल में कोई परिवार सड़क पर न आए, इसलिए विभागों में कार्यरत संविदाकर्मियों को मुख्यमंत्री दे रहे हैं सेवा विस्तार
आपदा को अवसर में बदलने की हेमंत सोरेन की सोच ने झारखंड को संकट से बचाए रखा
राज्य के विकास में “खनन नहीं पर्यटन” को बढ़ावा देने की ओर बढ़े मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
Next
Prev

झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

बेरोजगारी के आलम में बहन के साथ हुआ दुष्कर्म

बेरोज़गारी के आलम में भाई अपनी बहन का रक्षा तक न कर पाया!

बेरोज़गारी के आलम के एक भाई अपनी बहन के लाज व जान न बचा सका 

झारखंड में बेटियों के साथ हो रहे दुर्दशा के मामले में रघुबर सरकार के शासन-प्रशासन के पाप का घड़ा पूरी तरह भर चुका है। शायद ही झारखंड में कोई दिन ऐसा गुजरता हो जिस दिन यहाँ के बेटियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ न होता हो! लेकिन बेटियों के यह पीड़ा भरा विलाप रघुबर सरकार को कुम्भकर्णी नींद से जगाने के लिए नाकाफ़ी है। बड़ी-बड़ी वादे-इरादे के ढोंग रचने वाली यह सरकार क्यों बेटियों को बचाने में विफल नजर आ रही है? इस राज्य में क्यों इनके शासनकाल में गुंडे-मवालियों का बोल-बाला इतना बढ़ गया है?   

अभी कोलेबीरा, कांके वा राँची की बेटियों के ज़ख्म हरे ही थे कि फिर एक बार गुमला जिले के जारी गांव की 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया, आरोपी यहीं नहीं रुके दुष्कर्म करने के बाद उस बच्ची को गला दबा कर मार भी दिया और बच्ची के मृत शरीर को झाड़ियों में फेंक दिया। बताया जा रहा है कि घटना शनिवार की रात 15-16 तारीख़ की है।

बच्ची पड़ोस के शादी में गयी थी, अपने सहेलियों के साथ रात में वहीँ सो गयी। देर रात आरोपियों ने उसका अपहरण कर घटना को अंजाम दिया। यह मामला प्रकाश में तब आया जब दूसरे दिन रविवार 16 तारीख को कुछ लड़कियों ने उसका शव झाड़ियों के बीच देखा। पुलिस ने 17 तारीख को शव का पोस्टमार्टम गुमला सदर अस्पताल में कराया।

मृतका के सिर से मां-बाप का साया तो पहले ही उठ गया था, वह छठवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसका पालन-पोषण उसके छोटे दादा- दादी के जिम्मे था, क्योंकि उस बेटी का बड़ा भाई महज 16 साल का है और झारखंड में व्याप्त बेरोज़गारी के आलम में वह अपनी बहन को अच्छी शिक्षा दिलाने व पेट पालने के लिए मजबूरन मज़दूरी करने दूसरे राज्य मुंबई चला गया है।

बहरहाल, यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं है बल्कि तमाम उत्पीड़ित स्त्रियों, आम जनता, युवा, छात्रों, इंसाफ पसंद लोगों का मसला है। स्त्रियों के साथ छेड़छाड़, अपहरण, बलात्कार, तेजाब फेंकने, मारपीट, हत्या आदि की घिनौनी घटनाएँ झारखंड में बेतहाशा बढ़ चुकी है। दिनदिहाड़े लड़कियों को अगवा कर बलात्कार का शिकार बनाया जा रहा है। यह सरकारी तंत्र इतना जनविरोधी हो चुका है कि इससे किसी प्रकार की सुरक्षा की उम्मीद तक नहीं की जा सकती है। जनता को खुद ही इसके विरुद्ध खड़ा होते हुए अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

Click to listen highlighted text!