कैबिनेट मंत्री पद ओबीसी की त्रासदी की कहानी कहती है

ओबीसी

कैबिनेट मंत्री पद पर एक नजर देखिए…. एससी-2, एसटी-1, ओबीसी – 0, सवर्ण 21, मुस्लिम 1 अमित शाह (गृह मंत्री) राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री) निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री) सुब्रहमण्यम जयशंकर (विदेश मंत्री) नितिन गडकरी (रोड, ट्रांसपोर्ट मंत्री) डीवी सदानंद गौड़ा (केमिकल और फर्टिलाइजर  मंत्री) रामविलास पासवान (कंज्यूमर अफेयर) नरेंद्र सिंह तोमर (कृषि मंत्री) रवि शंकर … Read more

डॉ. पायल तडवी : जाति उत्पीडन जैसे त्रासदी की एक और शहीद

डॉ पायल तडवी

हमारे समाज के चेहरे पर जाति व्यवस्था और जातिगत उत्पीड़न एक बदनुमा दाग रूपी त्रासदी है और आंकड़ों को देखें तो या साफ़ हो जाता है कि मोदी जी के राज में यह ख़त्म होने के बजाय और भी ज़्यादा सड़ाँध मार रही है। ऐसी बर्बर घटना की ख़बरें केवल महाराष्ट्र से ही नहीं बल्कि … Read more

भयंकर महामंदी देश के दहलीज़ पर दस्तक देती हुई

भयंकर महामंदी

एक तरफ मोदीजी बहुमत से सरकार में आ चुके हैं तो दूसरी तरफ 2008 से भी भयंकर महामंदी भी दस्तक दे रही है। कहा जा रहा है कि बार आने वाला इस भयंकर महामंदी का केंद्र (epicenter) और कोई अन्य महादेश नहीं बल्कि एशिया रहने वाला है और भारत व चीन जैसे देश इसके चपेट … Read more

फ़क़ीर प्रधानमंत्री का क्या झोला उठा कर चलने का वक़्त आ गया है !

फ़क़ीर प्रधानमंत्री

भाजपा द्वारा जारी लगातार धुआंधार प्रचार, फ़क़ीर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लगभग 161 सभाएँ- रैलियाँ और अरबों करोड़ के चुनावी खर्च के बावजूद लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन चारों खाने चित्त होते दिख रही है। सारा हाईटेक प्रचार और मीडिया प्रबंधन धरा का धरा रह गया है। अपने ‘विकास’ के दावों के ब्यौरा देने के … Read more

EVM Project Management : क्यों वीवीपैट EVM से लिंक नहीं हो सकती

EVM Project Management : क्यों वीवीपैट

EVM Project Management : सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ VVPAT की व्यवस्था करके चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित क्यों नहीं की जा सकती है? इस संबंध में, चुनाव आयोग ने जवाब देने के बजाय, सुप्रीम कोर्ट से ही दूसरा सवाल पूछा लिया – क्या उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं … Read more

सरकार बहादुर के पास रोजगार के आँकड़े तक नहीं जबकि देश के युवा बेरोजगार हैं!

सरकार बहादुर

बेरोज़गारी दर 7.2% हो गयी, सरकार बहादुर के पास नौकरियों के आँकड़े तक नहीं झारखंड के नौजवानों के सामने आज सबसे बड़ी समस्या रोज़गार है। जबकि यहं किसी भी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा की भी कमी नहीं है। एक-एक नौकरी के पीछे हज़ारों-हज़ार आवेदन किये जाते हैं पर नौकरी तो कुछ को ही मिलती है। इसी … Read more