झारखण्ड : खेल नीति-2020 के तहत खेल और खिलाड़ियों के लिखे जा रहे हैं भविष्य

झारखण्ड : खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए खेल नीति-2020 के तहत कई ठोस योजनाएं तैयार. खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार कर अंतराष्ट्रीय क्षमता मानक के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास. खिलाड़ी कल्याण कोष व खेल छात्रवृति का शुरुआत.

रांची : झारखण्ड के नसों में खेल रचता बस्ता है. चूँकि झारखण्ड के मुख्यमंत्री झारखंडी हैं तो वह खेल के महत्त्व को समझते हैं. नतीजतन, झारखण्ड राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए न केवल ऐतिहासिक ठोस योजनाएं तैयार की गई है, राज्य में पहली बार खेल नीति-2020 बनायी गयी है. खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार कर अंतराष्ट्रीय क्षमता मानक के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास हो रहे है. इसके अलावा देशज और पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देने के साथ स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयास हो रहे हैं. 

झारखण्ड में पहली बार खिलाड़ियों का हो रहा सम्मान 

  • राज्य के 260 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार राशि दी गई, जबकि 256 खिलाड़ियों को खेल छात्रवृति से सम्मानित किया गया. 
  • राज्य में 25 आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्र और 89 डे बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिश्रण केंद्र चल रहे हैं.
  • राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के तहत फिट इंडिया फ्रीडम रन, राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम और खेल संघों को अनुदान देने की प्रक्रिया चल रही है. 
  • अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप के लिए नेशनल कैंप का आयोजन झारखंड में किया गया. 

झारखण्ड के खिलाड़ियों को नौकरियों में मिला आरक्षण 

सरकार ने खेल नीति लागू कर खेल और खिलाड़ियों के विकास पर फोकस कर रही है. नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को नौकरियों में आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. 

राज्य के युवा खेलकूद में अव्वल 

कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं न केवल पढ़ाई में अव्वल रही हैं बल्कि खेल के मैदान में भी उपलब्धियों के आंकड़ों से उन्होंने राज्य को गौरवान्वित किया गया है. जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा भोपाल में आयोजित नेशनल ईएमआरएस स्पोर्ट्स मीट में झारखंड के छात्र-छात्राओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 19 पदक जीते. 

स्कूलों में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर पर पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल को बनाया गया है अनिवार्य 

सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर पर पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल को अनिवार्य बनाया गया है. स्कूलों में प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करने हेतु विशेष प्रशिक्षण की सुविधा दी जायेगी. साथ ही कॉलेजों और विश्वविद्यालय में खेल विकसित करने हेतु उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित निजी और सरकारी संस्थाओं को निर्देश दिये गये हैं. 

खिलाड़ी कल्याण कोष व खेल छात्रवृति का शुरुआत 

राज्य के 280 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार राशि के रूप में 68 लाख 70 हजार रूपये की राशि वितरित की गयी है. 256 खिलाड़ियों को खेल छात्रवृति के रूप में 85 लाख 72 हजार 800 की राशि प्रदान की गयी है. माह नवंबर 2019 में आमंत्रित आवेदनों के आलोक में 323 खिलाड़ियों को चयनित किया गया है जिनकी सीधी नियुक्ति के लिये स्कूटनी का कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजना प्रखंड स्तर से राज्य स्तर तक किया जा रहा है व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कई खिलाड़ियों ने पुरस्कार जीते हैं. 

राज्य में फिट इंडिया रन-ओ-थॉन, फिट इंडिया फ़्रीडम रन का आयोजन किया जा चुका है. साथ ही विभिन्न खेल संघों से अनुदान हेतु प्राप्त आवेदनों के आलोक में अनुदान देने की प्रक्रिया की जा रही है. राज्य के कुल 34 प्रशिक्षण केन्द्रों में 1643 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिसमें प्रशिक्षुओं को छात्रावास व पौष्टिक भोजना के साथ साथ 500 रूपये प्रत्येक माह की दर से छात्रवृति दी जा रही है. इसके अलावा मेडिल व्यय, खेलकिट उपकरण भी मुहैया कराये गये हैं.

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