BSNL : मालिक को ही किरायेदार बना दिया चौकीदार ने

BSNL

कैसे चौकीदार ने 4g स्पेक्ट्रम BSNL को न देकर बाकी सभी कंपनियों को दिए यह जग जाहिर है। मोदी सरकार ने अपने चहेते अम्बानी के जियो को प्रमोट करने के लिए ही बीएसएनएल को धीमा जहर दिया। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि रिलायंस को सिर्फ डेटा सर्विस के लिए लाइसेंस दिया गया था, लेकिन … Read more

साहेब! जनता के मुद्दों पर सामने आइये यूँ तो मुँह न छिपाइये!

साहेब

चाहे केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार हो या झारखंड में मोदी-शाह के इशारे पर नाचने वाले उनके लठैत रघुवर दास जी की सरकार। इनका पूरा कार्यकाल केवल उन पूँजीपतियों की जी हजूरी में गुजरा है जिन्होंने इन्हें पिछले आम चुनाव में चुनावी फंड मुहैया कराया था। धरातल पर तो इन बड़बोलों ने कमीशनखोरी … Read more

मोदी जी 60 महीनों में 22 महीने 6 दिन तो यात्रा में ही गवां दिए

मोदी जी

देश में देखा जाये तो जनता की गरीबी और सत्ता की रईसी के चर्चे राम मनोहर लोहिया ने नेहरु दौर में उठाये थे। उस वक़्त बहस 3 आना बनाम 15 आना, मतलब देश की जनता जब 4 आने में जिंदगी बसर करने को मजबूर थी तब नेहरू जी 25000 अपने खर्च में उड़ा देते थे। … Read more

संथाल नवोदय को गुरूजी ने गठा, बाद में वह आदिवासी सुधार समिति कहलाया -4

संथाल किंग शिबू सोरेन

‘ज़िंदगी तल्ख़ सही लेकिन दिल से लगाए रखना’ – संथाल किंग गुरूजी -भाग 4 भारत के बड़े पूँजीपति वर्गों ने अपनी लूट-खसोट पर केन्द्रित मुनाफे को गति देने के लिए करोड़ों बहाकर 2014 में भाजपा-मोदी को कोंग्रेस का विकल्प साबित करते हुए जनता में अच्छे दिन का उम्मीद जगा दाँव लगाया था। लेकिन मोदीजी के … Read more

आँगनवाड़ी और आशाकर्मी बहनों को इस बजट में भी मिले केवल झूठे वादे

आँगनवाड़ी

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जो यूनियन बजट पेश किया वह बजट कम और चुनावी घोषणा-पत्र अधिक है। अंतिम बार भी केवल जुमलों की ही बौछार हुई। और इनके झूठ के इन गोलों को फ़रेब की चाशनी में डुबो कर और धोखे के थाल में सजाकर सच की तरह पेश करने के लिए आईटी सेल … Read more

सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी

सरकारी स्कूलों की स्थिति

सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर आखिर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी भाजपा के रघुबर सरकार को  वैसे तो बच्चों की पहली पाठशाला उसका परिवार और समाज होता है। लेकिन स्कूल की अपनी ही एक महत्ता है। यह ऐसा स्थान होता है, जहाँ बच्चों में सामूहिकता की भावना के साथ कला और श्रम … Read more