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पाकिस्तान

पाकिस्तान-बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान राष्ट्रवादी विद्यालय छात्रों को क्यों याद करवा रही है

राष्ट्रवादी विचारधारा वाली विद्यालय छात्रों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान याद करवा रही है 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों ने देशवासियों को राष्ट्रवाद समझाने की ज़िम्मेदारी ली है। यही कारण है कि राष्ट्रवादी विचारधारा के तहत भारत माता, हिंदू राष्ट्र, सनातन धर्म, प्राचीन संस्कृति जैसे अवधारणाओं ने अब अंगारों से जंगल की आग का रूप ले लिया है। संघ की  अवधारणाओं का विरोध करने वाले को संघ देशद्रोही मानते हैं। 

90 वर्षों के इतिहास वाले संघ की देश भर में 51335 शाखाओं और 60 लाख स्वयंसेवकों के साथ एक संगठन है। और पिछले 5 वर्षों में संघ की दैनिक शाखाओं में 29 प्रतिशत, साप्ताहिक शाखाओं में 61 प्रतिशत और मासिक शाखाओं में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। । देश के वर्तमान प्रधानमंत्री भी संघ के सच्चे स्वयंसेवक होने पर गर्व महसूस करते हैं। इसलिए, देशभक्ति के बारे में संघ के विचारों को नज़रअंदाज़ करने का साहस संभव नहीं है।

आज देशभक्ति और देशप्रेम पर संगोपंग पर चर्चा करना महत्वपूर्ण हो गया है

इसलिए, आज देशभक्ति और देशप्रेम पर संगोपंग पर चर्चा करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर स्कूल, झारखंड के घाटशिला में स्थित एक निजी स्कूल है, जो खुद को हिंदू धर्मवली के पदचिह्नों पर समर्पित मानता है। उस स्कूल द्वारा छात्रों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान याद करवाया जाने के मामले ने राज्य में तुल पकड़ लिया है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं। और कहा है कि, जो भी इस मामले में दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी। यह मामला देशद्रोह से जुड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, घाटशिला के संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर स्कूल के शिक्षिका ने एलकेजी और यूकेजी के छात्रों को  होमवर्क के रूप में पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रगान याद करने को कहा था। और साथ ही, छात्रों को स्कूल द्वारा पाकिस्तान और बांग्लादेश का राष्ट्र चिन्ह् के बारे में भी पढ़ाया जा रहा था.  जो कि निस्संदेह राजद्रोह के अंतर्गत आता है।

मसलन, संघ को भाजपा के पीछे खड़े स्तंभ के रूप में जाना जाता है। और भाजपा को किसी भी प्रकार की रणनीति जैसे शाजिस, तोड़-जोड़, हॉर्स ट्रेडिंग के माध्यम से राज्यों में सत्ता हासिल करने  करने के लिए जाना जाने लगा है! इसलिए मामले का खुलासा करना और सच्चाई सामने लाना अति आवश्यक हो गया है। 

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