नौंवी पास, हत्या के मामले में आरोपी गंगा नारायण सिंह

नौंवी पास, हत्या के मामले में आरोपी गंगा नारायण सिंह ने कैसे बनाई करोड़ों की संपत्ति?

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नौंवी पास, हत्या के मामले में आरोपी गंगा नारायण सिंह के पास है करोड़ों की संपत्ति? जबकि इंजीनियरिंग डिग्री वाले हफीजुल, नौकरी छोड़ आए राजनीति में!

रांची : मधुपुर उपचुनाव में मुकाबला झामुमो और भाजपा के बीच माना जा रहा है। मुकाबले में जनता की पसंद क्या हो सकती? उच्च शिक्षा प्राप्त हफीजुल अंसारी या फिर नौंवी पास गंगा नारायण सिंह? हत्या जैसे मामलों में आरोपी गंगा नारायण सिंह या फिऱ साफ छवि के साथ आन्दोलन की विरासत संभाले खड़ा हफीजुल अंसारी? दोनों प्रत्याशियों में तुलना करें तो जवाब पाना मुश्किल भी नहीं है।कहीं से भी शुरुआत करें – एक तरफ झामुमो प्रत्याशी हफीजुल अंसारी शिक्षित व साफ छवि के साथ खड़ा है। तो दूसरी तरफ गंगा नारायण सिंह हत्या के मामले में आरोपी व नौंवी पास के सच के साथ जुड़ा है। 

झामुमो प्रत्याशी हफीजुल हसन अंसारी बनाम भाजपा प्रत्याशी गंगानारायण सिंह

हफीजुल हसन अंसारी अपने पिता महान आंदोलनकारी हाजी हुसैन अंसारी के समृद्ध और मूल्यों वाली राजनीतिक विरासत को संभाले खड़ा है। जिसका अक्स पिता के सालों जनता के लिए काम करने के अनुभव से जुड़ा है। हफीजुल ने मधुपुर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्कूल से मैट्रिक तक की शिक्षा प्राप्त की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने पटना से और बीटेक की पढ़ाई बीआईटी सिंदरी से की है। इसके बाद उन्होंने झारखंड राज्य खनिज निगम में सर्वेयर की नौकरी की।

तो वहीं गंगा नारायण सिंह का सच नौवीं पास और किसी प्रकार सत्ता तक पहुँचने से जुड़ा है। जिसके अक्स में हत्या जैसे संगीन मामले में राहत पाना भी सकता है और काली कमाई के राज को छुपाने के प्रयास भी हो सकता है। ऐन चुनाव से पहले आजसू को दरकिनार कर भाजपा में शामिल होना गंगा नारायण सिंह का यही सच लिए हो सकता है। जो राजनीतिक लाभ के मद्देनजर किसी भी हद तक जाने के सच से भी जुड़ा है। 

झामुमो प्रत्याशी जहां नौकरी छोड़कर राजनीति में आये हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार गंगा नारायण सिंह का दावा है कि वह भी एक समय प्राइवेट नौकरी करते थे। गंगा नारायण इससे पहले आजसू के बैनर तले चुनाव लड़ा। और मौजूदा दौर में वह आजसू विचारधारा की तिलांजलि दे भाजपा का संकटमोचक होने का दावा करने से नहीं चूक रहा। गंगा नारायण नौवीं कक्षा तक पढ़े हैं। 2009 में उनकी संपत्ति सवा करोड़ थी जो 2019 में 13 गुणा बढ़ 19 करोड़, 37 लाख, 05 हजार 180 रुपये हो गयी। समाज सेवा के एवज में मजदूरी मांगने वाले इस करोड़पति प्रत्याशी की गोवा में भी संपत्ति होने की बात सामने आयी है। 

जनता में स्वाभाविक जिज्ञासा गंगा नारायण सिंह की संपत्ति में कैसे हुआ 13 गुणा इजाफा

जनता में स्वाभाविक तौर पर जिज्ञासा हो सकता है कि गंगा नारायण सिंह के पास ऐसा कौन सा हुनर है, कि उनकी संपत्ति में 13 गुना का इजाफा हुआ। हो सकता है इस बार उनसे मधुपुर की जनता भी यह सवाल पूछ ही ले। समाजसेवी गंगा नारायण सिंह पर कई मामले दर्ज हैं। हत्या मामले में भी आरोपी हैं। छिनतई, सड़क जाम करने जैसे मामले भी उन पर दर्ज है। गंगा नारायण शायद उन राजनेताओं में से हैं जो थानों में दर्ज मामलों को राजनीति ग्राफ के लिए जरूरी मानते हैं।  

मसलन, गंगानारायण सिंह का व्यक्तित्व हफीजुल हसन अंसारी के समक्ष गौण है। नौंवी पास आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी का मुकाबला कैसे एक साफ़ छवि व शिक्षित प्रत्याशी से हो सकता है। साथ ही हफीजुल को राजनीति विरासत में मिली है और उनके पास पिता के लिए निभाई चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी का अनुभव भी है। अंत ये पब्लिक है जो सब जानती है… ये वही पब्लिक है जो सब को पहचानती भी है।

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