झारखण्ड : मुख्यमंत्री ने शहीद सोबरन सोरेन के 64वे शहादत दिवस पर किया उन्हें नमन

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शहीद सोबरन सोरेन के 64वे शहादत दिवस
  • मुख्यमंत्री ने शहीद सोबरन सोरेन को लुकैयाटांड स्थित शहीद स्थल पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी
  • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का किया वितरण
  • मुख्यमंत्री ने कहा- आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार अभियान से जुड़कर विकास में बने सहभागी 

 सरकार की योजनाओं और कार्य को जन-जन तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता

 सार्वभौमिक पेंशन योजना के माध्यम से सभी योग्य जरूरतमंदों को मिलेगा पेंशन

 सखी मंडलों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यवसायिक रूप देने का हो रहा प्रयास

 हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड

सरकार की योजनाएं और जनकार्य जन-जन तक पहुंचे. राज्य में सुदूर ग्रामीण इलाकों में अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को लाभ मिले, यह हमारा संकल्प है. जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार अभियान चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत राज्य के गांव और पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है .

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों को नहीं होती है. इस वजह से वे इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं. ऐसे ही लोगों को जागरूक और योजनाओं से जोड़ने के लिए आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार अभियान चलाया जा रहा है.  इस अभियान से जुड़कर आप राज्य के विकास में सहभागी बने.

योजनाओं के लाभ से कोई वंचित नहीं रहे और दफ्तरों में नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

मुख्यमंत्री -जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर जरूरतमंदों को हमेशा ही सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. ऐसे में लोगों को इस तरह की समस्याएं ना हो. आपकी समस्याओं का समाधान आपके दरवाजे पर मिले, इसी मकसद से आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार अभियान चलाया जा रहा है.

कई योजनाएं शुरू, कई की कार्ययोजना तैयार

मुख्यमंत्री – कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में लोगों की रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो गया था. विषम परिस्थितियों में सरकार ने गरीबों और जरूरतमंदों का ख्याल रखने का प्रयास किया. लोगों को अपने ही घर पर रोजगार देने के लिए कई योजनाएं शुरू की. अब जब स्थिति सामान्य हो रही है तो कई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है. सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से उन्होंने लोगों को अवगत कराया.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर, पलायन रोकने की पहल

मुख्यमंत्री – राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और उनकी आय में वृद्धि हो, इसपर  सरकार की प्राथमिक जोर है. इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पशुधन योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है. लॉकडाउन के दौरान पता चला कि राज्य के लाखों मजदूर बड़े शहरों में काम करने को मजबूर है. ऐसे मजदूरों को अपने ही गांव-घर में रोजगार मिले, यह प्रयास भी सरकार कर रही है. जिससे हम पलायन को रोकने में कामयाब होंगे.

अहर्ता पूरी करने वाले सभी लाभूकों को दिया जा रहा पेंशन

मुख्यमंत्री – पहले अहर्ता होने के बाद भी कई गरीब जरूरतमंदों और को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था. इस वजह से सरकार ने सार्वभौमिक पेंशन योजना शुरू की है. इसमें पेंशन के लिए लाभुकों की संख्या सीमा को समाप्त कर दी गई है. सरकार ने 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने का निर्णय लिया है. वहीं, सभी विधवाओं, परित्यक्ता और दिव्यांगों को भी पेंशन मिलेगा.

महिला समूहों को बनाया जा रहा है सशक्त 

मुख्यमंत्री – महिला समूह को सशक्त बनाने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही सखी मंडलों के उत्पाद को व्यवसायिक रूप देने का सिलसिला शुरू हो चुका है. इसके लिए पलाश ब्रांड के माध्यम से उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का काम सरकार द्वारा जारी है. सखी मंडलों के उत्पादों का टर्नओवर 15 सौ करोड़ करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है.

लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का मिला लाभ

मुख्यमंत्री द्वारा इस मौके पर सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना के 10, प्रधानमंत्री आवास योजना के 10,  मनरेगा शेड के 5, मुख्यमंत्री पशुधन योजना के 10, फूलो झानो योजना के 5, कम्बल वितरण व पेंशन स्वीकृति के 5, मच्छरदानी वितरण योजना के 5 लाभुकों के बीच सांकेतिक रूप से परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. सांकेतिक तौर पर जेएसएलपीएस एसएसजी बैंक लिंकेज योजना के तहत 5 सखी मंडलों के बीच 5 करोड़ रुपए, भैरवा जलाशय में अंगुलिका संचयन के लिए 6 लाभुकों को संयुक्त रूप से 18 लाख रुपए, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत दो लाभुक को क्रमश 25 लाख एवं 15 लाख रुपए तथा दो लाभुकों को भू बंदोबस्ती पट्टा सौंपा गया.

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