मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी बहन की शादी पैतृक गाँव नेमरा में सादगी से किया संपन्न

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देश में राजनीतिक घरानों की शादी अलौकिकता लिए होती है. मेहमाननवाजी के नाम पर कुबेर के द्वार खोल दिए जाते है. जिसके अक्स में विलासिता चरम पर होती है. और इस गरीब देश में नेताओं की शादी अमीरी की छाप छोड़ जाती है. लेकिन, झारखण्ड के इतिहास में इस दफा कुछ अलग घटा. राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की बहन आशा सोरेन की शादी 30 नवम्बर 2021 को संपन्न हुई. यह शादी न केवल अपने आप में अलग मायने रखती है बल्कि यह भी दर्शाता है कि बिना धन दुरूपयोग किये, सादगी के साथ वैवाहिक समारोह संपन्न हो सकते हैं. 

ज्ञात हो, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की बहन की शादी इस मायने में भी ख़ास रही कि यह सादगी लिए थी और उनके पैतृक गाँव नेमरा में संपन्न हुआ. जहाँ जनता व VIP मेहमानों के लिए एक ही व्यवस्था थी. सभी को एक ही टेंट के नीच एक ही भोजन परोसा गया. सभी विधायक-सांसद, नेता-मंत्री, उनके पैतृक स्थान पहुंचे और वर-वधु को जनता के साथ आशीर्वाद दिया. उनकी बहन के भाव शायद अपने भाई के इस सादगी पर इतरा रहा था, क्योंकि वह अंतर्मुखी खुश दिख रही थी.  

राज्यपाल रमेश बैस सड़क मार्ग से सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र नेमरा पहुंचे

झारखण्ड के इतिहास में शायद यह पहली बार था जहाँ झारखंड प्रदेश के राज्यपाल रमेश बैस सड़क मार्ग से रामगढ़ जिलान्तर्गत गोला प्रखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र नेमरा पहुंचे. और जाकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की बहन आशा सोरेन के वैवाहिक समारोह में भाग लिया. और वर-वधु को सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद व अपनी शुभकामनाएं दी. राज्यपाल मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन, माता श्रीमती रूपी सोरेन, उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन, उनके बच्चों, रिश्तेदारों एवं ग्रामीणों से भेंट की. उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली.

हेमन्त सोरेन ने राज्यपाल महोदय को अपने गॉंव से परिचय कराया. वहाँ बिताए हुए बचपन के दिनों के बारे में बताया. अपने पिता  दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष के शुरूआती दिनों की यादों से अवगत कराया. बताया कि वहाँ सड़कें नहीं थीं, केवल जंगल थे. इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था. ऐसी स्थिति से एक व्यक्ति उठ खड़ा होता है और मजबूत आन्दोलनकारी बनता है. वह संघर्ष करता है और अलग झारखंड के सपने को पूरा करता है.

ग्रामवासी अपनी बहन की शादी समारोह में राज्यपाल को देखकर उत्साहित थे

राज्यपाल महोदय ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह भी एक किसान होने के नाते अपना अधिकांश समय गाँव में व्यतीत करते हैं. जहाँ उनका खेत है. ग्रामवासी अपनी बहन की शादी समारोह में राज्यपाल को देखकर बहुत उत्साहित थे, विशेषकर ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे उनसे मिलकर बहुत खुश हुए. राज्यपाल महोदय ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया. राज्यपाल महोदय विभिन्न मानसिक व मनोवैज्ञानिक धारणाओं के विपरीत आम आदमी की भाँति ग्रामीणों के मध्य समय व्यतीत किया तथा उनके गाँव की सौंदर्यता की सराहना की.

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