क्या भाजपा के लिए संताल वाटरलू साबित हो रहा है?

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दीपक प्रकाश का संताल दौरा

संदर्भ : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का संताल दौरा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश संताल साधने के लिए प्रमंडल की खाक छान रहे हैं. संताल में अभी वे कुछ दिन बितायेंगे और बरहेट समेत कई क्षेत्रों का दौरा करेंगे. आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा अभी से ही तैयारियों में जुट गई है. हालांकि, प्रदेश भाजपा के फिलहाल जो हालात हैं, लगता नहीं उनका दौर कोई करिश्मा दिखा पायेगा. दरअसल, संताल अभी भी झामुमो के लिए एक ऐसा गढ़ है जिसे भेदना भाजपा व अन्य दूसरी पार्टी के लिए के लिए मुश्किल है. 

ज्ञात हो, भाजपा के कई दिग्गज नेता पहले भी संताल क्षेत्रों में समय बिताते और राम भजन गाए हैं. लेकिन भाजपा के लिए संताल एक अबूझ पहेली ही रही है. मौजूदा दौर में संताल क्षेत्र में भाजपा स्थानीय नेताओं को दरकिनार कर हाशिए पर हैं. पार्टी की ओर से उन्हें बड़ी जिम्मेवारी नहीं दी गई है. ऐसे में दीपक प्रकाश संताल दौरा एक बार फिर से मधुपुर उपचुनाव की याद दिला सकता है. जहाँ भाजपा ने अपने स्थानीय उम्मीदवार राज पलिवार को दरकिनार किया था. जहाँ बड़े-बड़े दावों, बाहुबल और पैसों के बल के बावजूद भाजपा को शिकस्त झेलनी पड़ी थी. हार की खीज भाजपा नेताओं में अब भी देखी जा सकती है. 

झारखंड में संताल वह क्षेत्र है, जहाँ भाजपा को अभी भी ज़मीनी नेता व मुद्दे की तलाश

मसलन, संताल क्षेत्र, भाजपा के लिए वाटरलू साबित हुआ है जहां उसकी नियति में केवल शिकस्त ही लिखी है. इतिहास में दर्ज है कि फ्रांस के तानाशाह नेपोलियन को वाटरलू में ही शिकस्त मिली थी. जिसके बाद उसे सेंट हेलेना कैद किया गया था. झारखंड में खासकर संताल वह क्षेत्र है, जहाँ अभी भी भाजपा ज़मीनी नेता व मुद्दे की तलाश में है. इस क्षेत्र में समाज को बांटने वाली उसके पास कोई हवाई मुद्दा नहीं जिसका वह इस्तेमाल कर सके. और ज़मीनी मुद्दों से भाजपा को कोई लेना-देना नहीं है.

मौजूदा हवा भी भाजपा के अनुकूल नहीं बह रही है. क्योकि झारखंड समेत देश भर की जनता आज जो महंगाई का दंश झेल रही है, वह केंद्र की भाजपा सरकार की ही नीतियों का परिणाम है. वहीं दूसरी ओर झारखण्ड के मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन के सरल, सहज स्वभाव और जनपक्षीय प्रयासों के कारण राज्य की जनता का भरोसा उनपर बढ़ा है. वहीं प्रदेश भाजपा का दुर्भाग्य है कि आदिवासी का बड़ा चेहरा बाबूलाल मरांडी आज पूरी तरह खारिज किये जा चुके हैं. मीडिया में खबरें है कि बाबूलाल मरांडी से अब प्रदेश भाजपा भी निराश है. तमाम परिस्थितियों के बीच दीपक प्रकाश संताल में डेरा डालना क्या रंग लाता है, भविष्य ही बतायेगा.

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