विकास की राजनीति के अक्स तले जनता के विश्वास की जीत है मधुपुर उपचुनाव का नतीजा

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आजसू से उसे नहीं था कोई सरोकार

रांची : जिस समय मधुपुर में मतगणना का आखिरी चरण चल रहा था, उस समय बंगाल चुनाव के नतीजे भी सामने आ चुके थे। बंगाल में जनता ने परिवर्तन का नारा नकार दिया। इसी के साथ भाजपा का दंभ टूटा और एक बार फिर यह साफ हो गया कि सत्ता टीएमसी के पास ही रहेगी। दूसरी ओर, थोड़ी देर बाद, मधुपुर उपचुनाव के नतीजे भी सामने आ चुके थे। झामुमो प्रत्याशी हफीजुल हसन ने भाजपा के गंगा नारायण सिंह को शिकस्त दी। और जनता के विश्वास की जीत है मधुपुर हो चुकी थी।

झारखंड में पिछले कुछ समय में दुमका और बेरमो के बाद मधुपुर उपचुनाव में महागठबंधन ने लगातार तीसरी जीत हासिल की है। यह जीत झामुमो और महागठबंधन के लिए बेहद खास है. क्योंकि इस उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और उसने वह सब कुछ किया जो वह कर सकती थी। मसलन, मधुपुर में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा राज पलिवार के को दरकिनार कर आजसू नेता गंगा नारायण सिंह को अपनी पार्टी में शामिल कर टिकट दिया गया।

झारखंड में छल प्रपंच आधारित राजनीति पर झारखंडी विचारधारा की जीत 

भाजपा को पूरा विश्वास था कि गंगा नारायण सिंह उपचुनाव में तुरुप का इक्का साबित होंगे और भाजपा की नैया पार लगाएंगे। फिर चुनाव प्रचार के दौरान भी भाजपा ने कई छल प्रपंच किए। गंगा नारायण सिंह ने खुद के ऊपर हमला करवाने का ड्रामा रचा। और भी कितनी ही कोशिशे हुई। बहरहाल, जनता उनके झांसे में नहीं आई। और मधुपुर के उपचुनाव में जनता के विश्वास की जीत हुई।

मसलन, विकास के मद्देनजर सरकार का लगातार जन कार्य ही जीत का कारण बनी. और अंततः विकास की राजनीति की जीत हुई। यह जीत मरहूम हाजी साहब और उनके सपनो को श्रद्धांजलि ही हो सकती है। गुरुजी के संघर्ष की विरासत की फिर एक बार जीत हुई है। यह हेमंत सोरेन केझारखंडी जनता पर बढ़ते विश्वास की जीत है। जीत के बाद झामुमो प्रत्याशी, मंत्री हफीजुल हसन ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के अनुसार जनता के लिए वह काम करते रहेंगे।

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