ज्योतिराव फुले : मौर्य, शाक्य, कुशवाहा व सैनी समाज का गौरव              

ज्योतिराव फुले

बहुजन समाज का मानना है कि ऐसे तो सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के नाम पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है, लेकिन इतिहास खंगालने पर वे इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में ज्योतिराव फुले जी का योगदान कहीं ज्यादा है। आधुनिक भारत में सवर्ण होने के नाते प्रचार के बल पर जो स्थान … Read more

बेटियों से बीमारी स्कूल छीन रही है और सरकार जीत का ब्लूप्रिंट बनाने में व्यस्त 

आदिवासी बेटियों से स्कूल छीन लिए बीमारी ने

बीमारी ने आदिवासी बेटियों से उनके स्कूल छीन लिए! झारखण्ड के गुमला जिले की एक आदिवासी परिवार की कहानी सरेआम सरकार की आयुष्मान योजना व शिक्षा के प्रति उनकी संजीदगी की पोल खोल दी है। वैसे भी हर रोज की सुर्खियाँ सरकर के स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई वयक्त करती रहती है। पिछले दिनों की खबर … Read more

जनसंवाद में शिकायत करने के बावजूद लुप्त जनजातियों के गाँव में बिजली नहीं पहुंची 

जनसंवाद

मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद लुप्त जनजातियों के घरों में नहीं पहुंची बिजली रघुबर सरकार के बिजली को लेकर किये गए वायदे और आदिवासियों के प्रति प्रेम की कलई लोहरदगा जिले में खुलती नजर आयी है।  इस जिले के लुप्त प्राय जनजाति परिवार बिजली के नाम पर खुद को ठगा महसूस कर … Read more

संथाल परगना के आठों अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहे हैं 

संथाल परगना के अस्पतालों की ज़मीनी हक़ीकत

संथाल परगना झारखंड राज्य की प्रशासनिक ईकाईयों में से एक है। यह झारखंड का एक प्रमंडल है जिसका मुख्यालय दुमका में है। इस इकाई में झारखंड के छह जिले – गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ आते हैं। ब्रिटिश राज में पहले संथाल परगना नाम से ही संयुक्त बिहार में एक जिला हुआ करता … Read more

बच्चों को पैदल नदी पार कर जाना पड़ता है स्कूल 

झारखंड के बच्चों के लिए कठीन डगर

झारखंड चरही के तरिया टोला के बच्चों के लिए विद्यालय तक सात किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए कोई रास्ता नहीं है। राँची से हज़ारीबाग़ जाने के रास्ते से बिल्कुल सटे प्रखंड के इस गाँव के बच्चे हर दिन ढेबागढ़ा नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वो कहते हैं, “सरकार के लोग … Read more

प्लेस ऑफ सेफ्टी का निर्माण वयस्क आरोपी बच्चों के लिए क्यों नहीं हुआ है?

प्लेस ऑफ सेफ्टी (रिमांड होम)

झारखंड के व्यस्क आरोपी बच्चों को प्लेस ऑफ सेफ्टी के जगह रखा जा रहा है रिमांड होम में  जेल और क़ैदी का नाम सुनते ही अमूमन दिमाग़ में क्रूर ख़ूँख़ार व्यक्तियों की तस्वीरें उभरती है।लेकिन ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क नामक संस्था के मुताबिक पढ़ा था कि देश के जेलों में बंद 80 प्रतिशत कैदी बिना … Read more