भारतीय आदिवासियों का सच -एक परिचय (क)

भारतीय आदिवासियों का सच

भारतीय आदिवासियों का सफ़र अत्विका व वनवासी से अनुसूचित जनजाति तक झारखंड में जनता विशेष रूप से आदिवासियों ने राज्य की पिछली सरकार को सिरे से ख़ारिज कर दिया। उनका दलील है कि आदिवासियों के संरक्षण का ज़िम्मा तो संविधान ने सरकार को सौंपा था, लेकिन वह सरकार उन्हें संरक्षण देने के बजाय, ख़त्म करने … Read more

झारखंडी परंपरा व मान्यताओं को भाजपा ने तार-तार कर दिया है

परंपरा

ऐतिहासिक तौर पर झारखंड राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी संस्कृति को लेकर भिन्न-भिन्न मान्यताएं व परंपरा रही है। भाजपा की रघुवर सरकार ने झारखंड में खनिज सम्पदा की लूट की नयी पारम्परा गढ़ यहाँ के तमाम पुरानी परंपरा को सत्ता के ताकत के दम पर छिन-भिन्न कर कर दिया है, जो पुलिस-सरकार और ग्रामीणों … Read more

संथाल परगना के आठों अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहे हैं 

संथाल परगना के अस्पतालों की ज़मीनी हक़ीकत

संथाल परगना झारखंड राज्य की प्रशासनिक ईकाईयों में से एक है। यह झारखंड का एक प्रमंडल है जिसका मुख्यालय दुमका में है। इस इकाई में झारखंड के छह जिले – गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ आते हैं। ब्रिटिश राज में पहले संथाल परगना नाम से ही संयुक्त बिहार में एक जिला हुआ करता … Read more

बाबा साहेब अंबेडकर जीवनभर शिक्षा प्रेम की अलख भी जगाते रहे

बाबा साहेब अंबेडकर

सैनिक स्कूल में शिक्षा पाये डां बाबा साहेब अंबेडकर जीवनभर कहते रहे, बगैर शिक्षा के सारी लड़ाई बेमानी है। बाबा साहेब अंबेडकर को पता था कि उन्हें शिक्षा इसलिये मिल गयी क्योंकि वह एक सैनिक के बेटे थे। और ईस्ट इंडिया कंपनी का यह नियम था कि सेना से जुड़ा कोई अधिकारी हो या कर्मचारी … Read more

झामुमो के अलावे अन्य राजनैतिक दल आदिवासियों के लिए आवाज क्यों नहीं उठा रहे?

झामुमो

झामुमो के अलावे कोई भी दल या आदिवासी विधायक सांसद आदिवासियों के लिए आवाज क्यों नहीं उठा रहे भाजपा ने अपने शासनकाल में जाती-पाति में निहित ऊंच नीच के भेद-भाव को नया आयाम दिया, लगभग 20 लाख से अधिक आदिवासी भाई बहनों के परिवार को जंगल से विस्थापित होने को विवश कर दिया है। हर … Read more

पत्थलगढ़ी आन्दोलन भाजपा की करतूत की उपज

IMG 20180605

  रमण पत्थलगढ़ी आन्दोलन का शुरुआती दौर 2017 माना जाता है और इसके जद में अबतक झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के लगभग 300 गाँव आ चुके हैं। इस आन्दोलन का तहत संविधान के पन्नों में निहित 19 (5) का उपयोग कर कानून बनाने की मांग जिससे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बिना ग्रामसभा के अनुमति के न … Read more